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कविता जीवन को संस्कारित करने का माध्यम

3 वर्ष पहले
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कविता मनुष्य में मानवीयता और जीवन में संस्कारों के भाव जाग्रत करती है।

ऐसे ही अनेक विचार उभर कर आए काव्य संकलन ‘काव्यसुधा’ के लोकार्पण समारोह में। कादम्बिनी क्लब की ओर से प्रकाशित 26 रचनाकारों के साझा संकलन का लोकार्पण रविवार को नरेंद्र सिंह ऑडिटोरियम में साहित्यकार शिवराज छंगाणी, कमल रंगा, लूणकरण छाजेड़ और डॉ.मदन सैनी के आतिथ्य में किया गया। इस मौके पर अतिथियों ने साहित्य में काव्य विधा की महत्ता पर विचार व्यक्त करते हुए कविता को जीवन और जीवन के तमाम सरोकारों से गहरे तक जुड़ी विधा बताया। समारोह के प्रारंभ में क्लब संयोजक डॉ.अजय जोशी ने संकलन के प्रकाशन की जानकारी साझा की। इस दौरान संकलन में शामिल सभी रचनाकारों के सम्मान के साथ ही इस वर्ष प्रकाशित कृतियों के लेखकों का भी सम्मान किया गया। इस मौके पर राजेंद्र जोशी ने संकलन पर पत्रवाचन तथा संकलन संपादक डॉ.कृष्णा आचार्य ने प्रकाशित काव्य रचनाओं पर विचार रखे। समारोह में अनेक रचनाकार और गणमान्यजन मौजूद थे।

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