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हिमाचल में नहीं पिघली बर्फ, राजस्थान के 11 जिलों में पानी की चिंता

3 वर्ष पहले
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हिमाचल प्रदेश में इन दिनों अधिकतम 27 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 20 से 22 डिग्री सेल्सियस तापमान रह रहा है। भले ये तापमान पर्यटकों को लुभा रहा हो लेकिन राजस्थान के 11 जिलों के लिए ये अब परेशानी बन गया है।

तापमान कम होने से बर्फ को पिघलने का मौका नहीं मिल रहा और मार्च से जून के बीच बर्फ पिघलने से पौंग डेम में आने वाली पानी की मात्रा एक तिहाई ही रह गई। इन दिनों पौंग डेम में पानी का इन फ्लो 10 हजार क्यूसेक के आसपास है जबकि इन दिनों 30 हजार क्यूसेक से ज्यादा इन फ्लो होना चाहिए। यही वजह है कि रविवार को पौंग डेम का जलस्तर 1289.05 फीट ही है जबकि पिछले वर्ष इन फ्लो 20 हजार क्यूसेक था और तब जलस्तर 1296 फीट था। 2014 से 16 तक लगातार इन फ्लो 30 हजार क्यूसेक आसपास था रहा और इन वर्षों में जलस्तर 1300 फीट से कम नहीं हुआ। इस साल बर्फ न पिघलने से डेम का जलस्तर कमजोर से नहर अभियंता और बीबीएमबी भी हैरान है। यही वजह है कि सिंचाई के पानी का फैसला अब 30 मई की बैठक में ही होगा। अगर पानी मिलेगा भी तो तीन समूह में ही खरीफ की बिजाई के लिए मिलेगा।

पेयजल का रेग्युलेशन 31 मई तक बढ़ाया

सिंचाई का पानी कम होने की वजह से इंदिरा गांधी नहर अभियंताओं ने पेयजल का रेग्युलेशन 10 दिन और बढ़ा दिया है। अब 21 मई से 31 मई तक पीने का पानी ही नहरों में चलेगा। आईजीएनपी को टोटल 3950 क्यूसेक पानी दिया गया है। इसमें अनिवार्य आवश्यकता का पानी 1040 क्यूसेक, शून्य आरडी से 620 तक 950 क्यूसेक, 620 से 1254 आरडी तक 469 क्यूसेक और 1254 से टेल तक 350 क्यूसेक पानी मिलेगा। कोई भी किसान इसका उपयोग सिंचाई के लिए नहीं कर सकता।

इन फ्लो इस साल कम है क्योंकि हिमाचल का तापमान कम है। इसलिए बर्फ नहीं पिघल रही है। एक दशक बाद ऐसी स्थिति बनी है। फिर भी हम सिंचाई के लिए कोशिश कर रहे हैं कि बिजाई के लिए पानी दिया जा सके। 30 मई को बीबीएमबी की बैठक में फैसला होगा। के.एल.जाखड़, मुख्य अभियंता आईजीएनपी

इधर... बीकानेर में साफ आसमान ने फिर बढ़ाई गर्मी, पारा @420

बीकानेर | मौसम रोज करवट ले रहा है। कभी बादल तो कभी आसमान में धुंध। शनिवार को आई तेज हवा के बाद रविवार को फिर से आसमान साफ हाे गया। इस वजह से धूप को तपिश दिखाने का मौका मिला। दोपहर में धूप का सामना करने में भी दिक्कत हुई। छुट्टी होने की वजह से लोग कूलर-पंखों में दुबके रहे। पांच बजे तक तपिश का माहौल रहा। हालांकि लू जैसे हालात नहीं बने लेकिन तपिश का दौर जारी है। इस बीच रविवार को दिन का अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जबकि बीती रात न्यूनतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। छह किलोमीटर प्रति घंटा से हवा चली।

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