पुलिस जवाबदेह समिति की मीटिंग में प्रकरण सुनते हुए सदस्य।
क्राइम रिपोर्टर | बीकानेर
जिला पुलिस के कामकाज से असंतुष्ट लोग राज्य स्तरीय पुलिस जवाबदेह समिति के समक्ष पेश हुए और पुलिसकर्मियों के खिलाफ आरोप लगाए। समिति के अध्यक्ष रिटायर्ड जज ने पुलिस अधिकारियों से जवाब तलब किया। गुरुवार को राज्य स्तरीय पुलिस जवाबदेह समिति ने सर्किट हाउस में आमजन की सुनवाई की। इस दौरान पुलिस से असंतुष्ट लोगों ने समिति के समक्ष पुलिसकर्मियों के खिलाफ आरोप लगाए। करीब 15 मामलों में से ज्यादातर ऐसे थे जिनमें लोग पुलिस थानों में दर्ज मुकदमों में जांच और पुलिसकर्मियों के व्यवहार से संतुष्ट नहीं थे। पुलिसकर्मियों पर थाने में बेवजह मारपीट, हवालात में रखने, महिलाओं से दुर्व्यवहार के आरोप भी लगे। महिला समीना ने आरोप लगाया कि कोतवाली थाने के एएसआई ने उसके साथ बदसलूकी की। फामिदा ने भी आरोप लगाया कि एएसआई ने अभद्र व्यवहार किया। समिति अध्यक्ष रिटायर्ड जज जी. एल. गुप्ता ने इस संबंध में मौके पर मौजूद एएसपी सिटी पवन मीणा से पूछा तो उन्होंने बताया कि आईजी ने इस मामले की जांच सीओ सिटी को दी है। भंवरलाल बिश्नोई ने छत्तरगढ़ थाने के पुलिसकर्मियों पर झूठे मुकदमे में फंसाने का आरोप लगाया। विष्णु रतन दवे ने छात्र यश दवे की मौत की जांच सही नहीं करने की शिकायत की। इस दौरान समिति सदस्य रिटायर्ड आईएएस मोहम्मद कुरैशी, एडवोकेट शशि अग्रवाल व जिला जवाबदेह समिति के अध्यक्ष ताराचंद सारस्वत व सदस्य बहादुरसिंह मौजूद थे। समिति अध्यक्ष गुप्ता ने सभी प्रकरणों में पुलिस अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए।