कथा में दी धर्ममय जीवन जीने की सीख
बीकानेर | धर्ममय जीवन जीने से मनुष्य का जीवन श्रेष्ठ होता है। जीवन की श्रेष्ठता से मनुष्य परमात्मा की भक्ति पाने का अधिकारी होकर सुखमय जीवन व्यतीत कर पाता है। ये कहना था महंत क्षमाराम जी महाराज का। वे खरनाड़ा मैदान में श्री ब्राह्मण स्वर्णकार सत्संग समिति की ओर से आयोजित रामकथा आयोजन के दौरान कथा का वाचन करते हुए विचार व्यक्त कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने भगवान श्रीराम के जीवन से प्रेरणा लेने का आह्वान किया। श्रीराम कथा का वाचन करते हुए महंत क्षमाराम जी ने कहा कि मनुष्य को प्रेम और स्नेह के भावों को अपने भीतर सदैव जाग्रत रखना चाहिए।