पाठ्यक्रम निर्माण में शिक्षकों की भागीदारी नहीं
शिक्षक संघ शेखावत का 58वां वार्षिक जिला महासमिति अधिवेशन मंगलवार को सूरसागर में स्कूल में आयोजित हुआ। शिक्षक नेताओं ने शिक्षा की दशा और दिशा के साथ शिक्षकों की समस्याओं से जुड़े मुद्दों पर मंथन किया।
शिक्षक नेताओं ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार शिक्षा का निशुल्क अधिकार ईमानदारी से लागू नहीं करना चाहती। वहीं पाठ्यक्रम निर्माण और पाठ्यपुस्तकों के निर्माण में शिक्षक प्रतिनिधियों की भागीदारी नहीं होना खेद का विषय है। वक्ताओं ने कहा, राज्य में शिक्षक आंदोलन के समक्ष चुनौतियां आज भी मौजूद है। इससे पूर्व अधिवेशन के मुख्य अतिथि प्रांतीय अध्यक्ष रामस्वरूप सारण, विशिष्ट अतिथि स्टेट टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय कार्यसमिति सदस्य उपेंद्र शर्मा, मुख्य वक्ता कर्मचारी नेता अविनाश व्यास ने वर्तमान सरकार द्वारा शिक्षा सहित बैंक, बीमा, चिकित्सा, कृषि, बिजली, खान क्षेत्रों को निजी हाथों में सौंपने को खतरनाक बताया। उन्होंने कहा निजीकरण की इस नीति से बेरोजगारी बढ़ेगी। आर्थिक असंतुलन के कारण कई सामाजिक समस्याएं पैदा हो गई है। शिक्षक नेताओं ने कहा कि सरकार की शिक्षा विरोधी नीतियों के लिए एकजुट होकर संघर्ष करना होगा। अधिवेशन में संगठन के जिलाध्यक्ष संजय पुरोहित, प्रदेश मंत्री श्रवण पुरोहित, वरिष्ठ शिक्षक नेता कैलाश सिंह पंवार, रेवंतराम गोदारा, राजेश तर्ड केसराराम गोदारा, लक्ष्मीपाल, सोहन गोदारा, कैलाश वैष्णव आदि ने विचार रखे।
पुरोहित जिलाध्यक्ष और पोटलिया जिलामंत्री
अधिवेशन के द्वितीय सत्र में प्रांतीय पर्यवेक्षक रामस्वरूप सारण और चुनाव अधिकारी जयकिशन पारीक की देखरेख में जिला कार्यकारिणी के निर्विरोध चुनाव संपन्न हुए। जिसमें संजय पुरोहित को जिलाध्यक्ष और भंवर पोटलिया को जिलामंत्री मनोनीत किया गया। इसके अलावा ओमप्रकाश सारस्वत सभाध्यक्ष, मोहनलाल नैण उप सभाध्यक्ष तथा जयपाल कूकणा को कोषाध्यक्ष मनोनीत किया गय।