महिला की लज्जा भंग करने पर आरोपी राजाराम को पांच साल का कारावास
अपर सत्र न्यायाधीश एवं महिला उत्पीड़न मामलों की विशेष अदालत के न्यायाधीश राजेश शर्मा ने महिला की लज्जा भंग करने के आरोपी काकड़ा-नोखा निवासी राजाराम जाट को दोषी मानते हुए पांच वर्ष के कारावास और दस हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड की राशि अदालत में जमा नहीं करवाने पर उसे छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
पीड़िता ने सात मई, 2014 को थाना पुलिस नोखा में रिपोर्ट दी थी कि सुबह वह अपने घर से शौच के लिए सुनसान जगह पर गई थी। इस दौरान आरोपी राजाराम आया और पीछे से पकड़ लिया। पीड़िता ने विरोध किया तो उसके मुंह पर हाथ रखकर उसे जमीन पर पटक दिया व दुष्कर्म करने का प्रयास किया। शोर मचाने पर आरोपी भाग गया। अदालत ने मामले की सुनवाई के बाद आरोपी को लज्जा भंग के आरोप में दोषी करार दिया। अभियोजन पक्ष की ओर से दस गवाहों के बयान अदालत में करवाए गए। राज्य की ओर से पैरवी योगेंद्र पुरोहित ने की।