दो युवकों ने अफसर बनकर बॉर्डर एरिया से फसल बेचने बीकानेर आए काश्तकार को झांसा दिया और उससे 50,000 रुपए ऐंठकर फरार हो गए।
कोलायत तहसील में गांव गजेवाला स्थित चक एक डीएलएचआर निवासी काश्तकार मनीराम सुथार शुक्रवार को अपनी चने की फसल बेचने बीकानेर आया था। बीछवाल रोड पर अनाज मंडी में उसने फसल के बदले 50,000 रुपए लिए और वापस गांव जाने के लिए रवाना हुआ। दिन में करीब एक बजे रोडवेज बस स्टैंड से उरमूल सर्किल वाली रोड पर पहुंचा तो एक बाइक सवार युवक ने उसे रोक लिया। इस दौरान एक और युवक वहां आ गया। दोनों ने खुद को अफसर बताकर उससे पूछताछ की। काश्तकार जाने लगा तो फिर उसे रोक लिया और डोडा, अफीम रखने का आरोप लगाते हुए तलाशी ली। काश्तकार ने 100-100 के नोटों की पांच गड्डी अपनी कमर पर बांध रखी थी। दोनों युवकों ने काश्तकार को बातों में लगाकर 100 रु. के बदले 2000 रु. के नोट देने का झांसा दिया। काश्तकार से 50,000 रुपए ले लिए और बदले में दो लिफाफे देकर कहा कि एक में 40,000 रु. और दूसरे में 10,000 रु. हैं। काश्तकार को लिफाफे थमाकर दोनों युवक गायब हो गए। काश्तकार उरमूल सर्किल (श्रीगंगानगर चौराहा) पहुंचा चाय पीने के लिए लिफाफे से रुपए निकालने लगा तो उनमें अखबार के टुकड़े निकले। काश्तकार अनाज मंडी गया और दुकानदार को आपबीती सुनाई। बाद में बीछवाल पुलिस थाने पहुंचकर मुकदमा दर्ज करवाया। रुपए लेकर फरार हुए युवकों का पता नहीं चल पाया है। पुलिस आसपास के सीसीटीवी खंगाल रही है।
नजरें गड़ाएं रहते हैं ठग और लुटेरे
ठग, लुटेरे और आपराधिक प्रवृत्ति के लोग अनाज मंडी में आने वाले काश्तकारों पर नजरें गड़ाए रहते हैं और मौका मिलते ही वारदात को अंजाम देकर फरार हो जाते हैं। बीछवाल रोड स्थित अनाज मंडी में काश्तकार अपनी फसल बेचने आते हैं और बदले में हजारों-लाखों रुपए लेकर जाते हैं। ठग-लुटेरे ऐसे लोगों की ताक में रहते हैं। मौका मिलते ही लूट की वारदात को अंजाम देते हैं या फिर सीधे-साधे किसानों को निशाना बनाकर उन्हें झांसा देकर रुपए ऐंठ लेते हैं। पूर्व में भी काश्तकारों के साथ ऐसी वारदातें हो चुकी हैं।
पीड़ित किसान।