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इस माह के अंत में मिलेगा सिंचाई का पानी, 28 तक सिर्फ पेयजल

3 वर्ष पहले
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बीकानेर | इंदिरा गांधी नहर परियोजना के काश्तकारों को सिंचाई का पानी इस महीने के अंत तक नसीब होगा। शुक्रवार को चंडीगढ़ में भाखड़ा-ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड की बैठक थी। लंबी चर्चा के बाद 28 मई को फिर से बीबीएमबी की बैठक बुलाई गई। तब तक यहां सिर्फ पीने का पानी मिलेगा।

फिलहाल 21 मई तक का पीने के पानी का रेग्युलेशन जारी किया जा चुका है और 21 के बाद एक सप्ताह का कार्यक्रम और घोषित होगा लेकिन अब आईजीएनपी काे पीने के लिए 4000 क्यूसेक पानी ही मिलेगा। बीबीएमबी ने कहा कि पानी को बचाकर खर्च करें और इसी वजह से एक हजार क्यूसेक की कटौती की गई है। टोटल 5500 क्यूसेक पानी मिलेगा जिसमें आईजीएनपी को 4000 और 1500 क्यूसेक गंगकैनाल को मिलेगा। हनुमानगढ़ जोन के मुख्य अभियंता के.एल.जाखड़ ने बताया कि बैठक में सिंचाई के पानी पर चर्चा हुई थी लेकिन इनफ्लो कम होने से एक सप्ताह फैसला टाला गया है।

सिंचाई पानी से होगी मूंगफली की बिजाई

अमूमन खरीफ की बिजाई एक जुलाई से होती है जिसमें मूंग, बाजरा, मोठ, ग्वार और तिल शामिल है लेकिन मूंगफली की बिजाई एक जून से शुरू हो जाती है। आईजीएनपी 30 मई से सिंचाई का पानी देने की तैयारी में है ऐसे में सिंचित क्षेत्र में मूंगफली की बिजाई करने वाले किसानों को राहत मिलेगी। मूंगफली को छोड़ शेष फसलों की बिजाई बारिश होने के बाद होगी क्योंकि इसमें से अधिकांश बिजाई बारानी क्षेत्र में होती है। जिले में इस साल 12 से 13 लाख हैक्टेयर में बिजाई होगी।







कृषि विभाग के उपनिदेशक डॉ.उदयभान ने बताया कि खरीफ की बिजाई से पूर्व किसान खेत की जुताई कर उसे 15 दिन खुला छोड़ दें ताकि फसलों में लगने वाले सफेद लट समेत अन्य रोगों का बचाव हो सके।

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