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तोप-टैंक से आक्रामक हमलों के बीच हैलीकॉप्टर से दुश्मन के ठिकानों पर उतरे कमांडों

3 वर्ष पहले
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जमीन पर टैंक, तोप जैसे आधुनिक हथियारों और सैन्य टुकडिय़ों के जरिये दुश्मन को घेरना। आसमान में उड़ रहे हेलिकॉप्टर के साथ समन्वय रखते हुए कमांडोज को दुश्मन के ठिकानों पर उतरने के दिशा-निर्देश देना। खुफिया एवं निगरानी तंत्र का सटीक इस्तेमाल। इन सभी के बेहतर तालमेल के साथ एक ऑर्डर पर इतने आक्रामक अंदाज में हमला करना कि कुछ समझ पाने से पहले ही दुश्मन के ठिकाने नेस्तनाबूद हो जाए। कुछ ऐसा ही नजारा है महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में चल रहे युद्धाभ्यास ऑपरेशन गांडीव विजय का। सेना की सप्तशक्ति कमांड के चेतक कोर की ओर से पिछले दो महीने से चल रहा यह युद्धाभ्यास अब चरम पर है। झुलसाती गर्मी के इस दौर में जब खुले मैदानों में पारा 50 डिग्री तक को छू रहा है उन भीषण परिस्थितियों में दक्षिणी पश्चिमी कमान की चेतक कोर युद्ध लड़ने की अपनी क्षमता को परखने और बढ़ाने में जुटी है।

हजारों सैनिकों के इस एकीकृत युद्धाभ्यास में फैले हुए स्थानों से मल्टी मोबिलाइजेशन करना शामिल हैं। इस विधि में फार्मेशन की जिम्मेदारी के तर्ज पर एक इलाके में समय और स्थान के बारे में निर्णय लेना होता हैं। इन्फेंट्री, मैकेनाइज्ड फोर्स, एयर आर्म के साथ ही लंबी दूरी पर निशाना साधने वाले हथियारों यानी मिसाइलों का रणनीतिक रूप से सहयोग लेकर युद्ध में निर्णायक जीत हासिल की जाएगी। इन सबके साथ समय पर सही जगह रसद पहुंचाने का भी परीक्षण किया जा रहा है। कुल मिलाकर एक वास्तविक युद्ध की तर्ज पर ही महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में यह युद्धाभ्यास चल रहा है जिसका समापन23 मई को एकीकृत युद्धाभ्यास के रूप में होगा।

पल-पल बदलती परिस्थितियों के अनुकूल निर्णय लेना : सेना की दक्षिण पश्चिम कमान के मथुरा बेस्ड ट्राइबन-वन ने हाल ही महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में ऑपरेशन विजय प्रहार को अंजाम दिया है। हालांकि इसी कमान की बठिंडा बेस्ड चेतक कोर का युद्धाभ्यास उस अभ्यास के साथ-साथ ही चलता आ रहा है लेकिन अब यह परवान पर है। इस युद्धाभ्यास में हथियारों के इस्तेमाल के साथ ही खुफिया एवं निगरानी तंत्र, इन्फॉर्मेशन टैक्नोलॉजी का पूरा उपयोग करते हुए पल-पल बदल रही परिस्थितियों के अनुरूप निर्णय लेना भी शामिल हैं।

चेतक कोर के हजारों सैनिक झुलसाती गर्मी में दो महीनों से ऑपरेशन गांडीव विजय को अंजाम दे रहे हैं। एकीकृत अभ्यास के रूप में 23 मई को इसका समापन होगा। लेफ्टिनेंट कर्नल मनीष ओझा, रक्षा प्रवक्ता

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