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माता-पिता के चरणों में चारों धाम, भागवत में विद्यमान है जीवन के संस्कार

3 वर्ष पहले
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रसिक शिरोमणि मंदिर में सजी नंदोत्सव की झांकी। पारीक चोक में चल रहे भागवत कथा सप्ताह में सजी झांकियां।

बीकानेर| पुरुषोत्तम मास के अवसर पर नगर के विभिन्न क्षेत्रों में श्रीमद् भागवत कथाअों का आयोजन किया जा रहा है। शनिवार को आयोजित भागवत कथाओं में नंद के आनंद भयो जै कन्हैयालाल की के उद्घोष के साथ नंदोत्सव का आयोजन किया गया। श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की सचेतन झांकियां सजाकर माखन-मिश्री का प्रसाद वितरीत किया गया।

कथाओं के आयोजन के तहत वल्लभ गार्डन कॉलोनी में आयोजित कथा आयोजन में कथा का वाचन करते हुए स्वामी शिवज्योतिषानंद जिज्ञासु ने भगवान को दया का सागर और भक्तवत्सल बताते हुए कहा कि भगवान हर पल भक्तों की रक्षा करते है। वहीं पं.आशीष शास्त्री ने नानी बाई रो मायरों कथा का वाचन भी किया। वहीं स्व.श्रीनाथ व्यास की स्मृति में सरला श्री निवास में आयोजित भागवत कथा के दौरान कथावाचक भागवताचार्य पं.भाई श्री ने विभिन्न प्रसंगों का वर्णन करते हुए माता-पिता के चरणों में चारों धाम बताते हुए भागवत में जीवन का सार विद्यमान है कि बात कही। इस मौके पर नंदोत्सव का आयोजन किया गया। सरला देवी व्यास ने बताया कि कथा के दौरान महेश व्यास, पं.गोपाल व्यास आदि मौजूद थे। रसिक शिरोमणि मंदिर में आयोजित भागवत कथा के दौरान भी नंदोत्सव का आयोजन किया गया। इस दौरान कथा का वाचन करते हुए पं.मक्खन शास्त्री ने कृष्णजन्मोत्सव की कथा सुनाई। पुरुषोत्तम मास के मौके पर श्रीरामसर स्थित रामदेव मंदिर में 22 मई से संगीतमयी भागवत कथा का आयोजन प्रारंभ होगा।

वहीं 21 मई से सींगियों के चौक में पं.गंगादास अौर कोडूराम भादाणी स्मृति में भागवत कथा का आयोजन किया जाएगा।

श्रीराम कथा में बताई सुसंगति की महिमा

सुसंगति से जीवन में खुशियां और संस्कार हासिल होते है यह कहना था सिंहस्थ पीठाधीश्वर महंत क्षमाराम जी महाराज का। वे शनिवार को खरनाड़ा मैदान में श्री ब्राह्मण स्वर्णकार सत्संग समिति की ओर से आयोजित श्रीराम कथा और मानस पाठ आयोजन के दौरान रामकथा का वाचन कर रहे थे। कथा का वाचन करते हुए उन्होंने कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम सुसंगति के प्रेरक उदाहरण है। आयोजन के दौरान श्रीरामचरित मानस का सस्वर पाठ भी किया गया।

श्रीमद्भागवत कथा के दौरान सजी नंदोत्सव की झांकी और कथा का वाचन करते पं. रवि शंकर। बल्लभ गार्डन में नानी बाई रो मायराें की कथा सुनाते आशीष शास्त्री।

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