प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक शहीद ओमप्रकाश बिश्नोई राउमावि के शिक्षक विजय बिश्नोई ने पानी की डिग्गी में डूबी मां-बेटियों को बचाने में जान की बाजी लगा दी। मां-बेटियों को डूबता देख परिजन और आसपास के ग्रामीण डिग्गी पर पहुंच गए, लेकिन तैरना नहीं आने के कारण पानी में कूदने की किसी की हिम्मत नहीं हुई। शिक्षक विजय बिश्नोई ने अपनी जान की परवाह न करते हुए डिग्गी में उतरकर मां-बेटियों को बचाने का प्रयास किया। वहां पड़ा बिजली का मोटा तार अपने शरीर पर बांधकर डिग्गी में उतरा और ग्रामीणों के सहयोग से पहले कमला और फिर दोनों बच्चियों को बाहर निकाला। बताया जा रहा है कि उस समय तीनों की सांसें चल रही थी, लेकिन अस्पताल पहुंचने पर उन्होंने दम तोड़ दिया।
शिक्षक विजय बिश्नोई
शिक्षक ने लगाई जान की बाजी
पूजा
इसी डिग्गी में डूबने से हुई थी मां व बेटियों की मौत।
प्रभा