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परिजन बोले- इलाज का दिखावा कर बनाया बिल

3 वर्ष पहले
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जिंदा आदमी का इलाज करते तो जो बिल बना था उसका पूरा भुगतान करते। जब मृत शरीर का इलाज कर रहे थे तो फिर किस बात का बिल भुगतान करे। अब तो हमें अपोलो हॉस्पिटल में इलाज के दौरान जो राशि ली गई वह भी वापस चाहिए। हमारे साथ हुई घटना की लिखित शिकायत भी कलेक्टर और सीएमएचओ से की जाएगी। यह कहना है अपोलो में इलाज के दौरान मृत हुए अमित धर दीवान के परिजनाें का।

अपोलो में 13 मई को भर्ती कराए गए अमित धर दीवान की 18 मई को इमरजेंसी वार्ड में मौत हो गई थी। परिजनों ने बताया था कि जब हम जबरन इमरजेंसी वार्ड में पहुंचे थे तो सभी मशीनों में जीरो आ रहा था। जैसे ही अंदर गए अपोलो हॉस्पिटल का स्टाफ इलाज करने का दिखावा करने लगा। जबकि इससे पहले हमें बताया गया था कि विशेष डायलिसिस करनी है इसलिए 1 लाख 50 हजार रुपए और जमा करा दो। जबकि इस दिन तक हम 2 लाख रुपए का भुगतान कर चुके थे। हमने कहा भी था कि जैसे भी हो हमारे मरीज को बचा लो रुपए तो हम जमा करा ही देंगे, लेकिन तब तक हमें मालूम चल चुका था कि अमित की मौत हो चुकी है और अपोलो वाले बिल बढ़ाने के लिए इलाज का नाटक कर रहे हैं। मृतक अमित धर दीवान के परिजनों ने बिल के भुगतान के रूप में अपोलो में 2 लाख रुपए जमा कराए हैं, जबकि बिल 3 लाख 50 हजार रुपए का था। इसके अलावा अपोलो विशेष डायलिसिस के लिए 1 लाख 50 हजार रुपए और जमा करने की बात कह रहा था। बिल की सभी कॉपी दैनिक भास्कर के पास हैं।

अब यह मांग

मृतक अमित धर दीवान के जीजा शैलेन्द्र तिवारी ने मांग की है कि अपोलो को जो भुगतान के रूप में 2 लाख रुपए हमने दिए हैं वह वापस किए जाएं। इसके अलावा वहां की इमरजेंसी में सीसीटीवी लगाए जाएं जिससे भविष्य में अपोलो प्रबंधन किसी और के साथ ऐसा अमानवीय कृत्य न कर सके। शैलेन्द्र तिवारी ने यह भी बताया कि वह अपोलो की शिकायत कलेक्टर व सीएमएचओ से भी करेंगे जिससे आगे से ऐसा काम करने से हजार बार सोचना पड़े।

शेष राशि दी ही नहीं

बिल कितना था यह तो मेरी जानकारी में नहीं है, लेकिन जो शेष रकम थी वह मृतक के परिजनों ने दी ही नहीं है। इससे ज्यादा कुछ नहीं सकता। -देवेश गोपाल, पीआरओ, अपोलो हॉस्पिटल

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