लॉ कॉलेज 50 प्रतिशत छात्र नहीं पहुंचे प्रैक्टिकल में
एजुकेशन रिपोर्टर | बिलासपुर
बिलासपुर यूनिवर्सिटी के लॉ कॉलेजों में मुख्य परीक्षा चल रही है। वहीं यूनिवर्सिटी ने कॉलेजों फरवरी में ही प्रायोगिक परीक्षा कराने का निर्देश दिया था। इसके बाद अब डीपी विप्र लॉ कॉलेज में बीए एलएलबी और एलएलबी प्रथम और थर्ड सेमेस्टर के छात्रों की प्रायोगिक परीक्षा बुधवार को ली गई। इसमें भी 50 प्रतिशत छात्र प्रायोगिक परीक्षा देने नहीं पहुंचे।
बिलासपुर यूनिवर्सिटी ने लॉ की सेमेस्टर परीक्षा 4 महीने देर से करा रही है। अभी लॉ कॉलेजों में परीक्षाएं चल रहीं हैं। यूनिवर्सिटी ने सभी कॉलेजों को फरवरी में ही प्रायोगिक परीक्षा कराने का निर्देश दिया था। उस समय यूनिवर्सिटी के निर्देशों का पालन अधिकांश कॉलेज नहीं किए। वहीं डीपी विप्र लॉ कॉलेज में बुधवार को बीए एलएलबी और एलएलबी के प्रथम और थर्ड सेमेस्टर के छात्रों की प्रायोगिक परीक्षा कराई गई। प्रायोगिक परीक्षा 90 नंबर की है। इसमें 50 नंबर की लिखित परीक्षा और 20 नंबर का वाइबा व 20 नंबर प्रोजेक्ट रहता है। इसमें बुधवार को छात्रों की 50 नंबर की लिखित परीक्षा हुई। इसमें 50 प्रतिशत छात्र लिखित परीक्षा देने नहीं पहुंचे। इसमें अभाविप और कांग्रेसी कार्यकर्ता भी शामिल हैं।
प्रैक्टिकल के लिए छात्रों से वसूले 200-200 रुपए
सभी कॉलेजों द्वारा एडमिशन के समय ही छात्रों से प्रायोगिक परीक्षा की फीस जमा करवा ली जाती है। जबकि डीपी विप्र लॉ कॉलेज में बुधवार को प्रायोगिक परीक्षा हुई। परीक्षा देने आए छात्रों से कॉलेज ने 200-200 रुपए वसूले।
कम आए थे छात्र
डीपी विप्र लॉ कॉलेज के प्राचार्य अन्नूभाई सोनी ने कहा कि मैं छुट्टी पर हूं, जवाब प्रमोद शर्मा देंगे। प्रमोद शर्मा ने कहा कि कम छात्र प्रायोगिक परीक्षा देने आए थे। हर साल 200 रुपए छात्रों से लेते हैं।
एटीकेटी आएंगे छात्र
बिलासपुर यूनिवर्सिटी के सहायक कुलसचिव सीएचएल टंडन ने कहा कि जो छात्र प्रायोगिक परीक्षा में शामिल नहीं होते हैं, वे एटीकेटी आते हैं। उनके दोबारा परीक्षा नहीं होती है। दोबारा परीक्षा केवल कुलपति की अनुमति से ही ली जा सकती है।