गर्भावस्था में जीवन शैली पर दें विशेष ध्यान
मां बनने का सुखद अहसास प्रत्येक महिलाओं की जीवन में महत्वपूर्ण होता है। परिवार में नये सदस्य आने की उत्सुकता एवं उल्लास का माहौल रहता है। ऐसे समय पर महिलाओं को सावधानियां बरतनी चाहिए। ताकि प्रसव में कोई परेशानी न हो। इससे मां और बच्चे दोनों स्वस्थ रहते हैं।
गर्भवती महिलाओं को आवश्यक जानकारी देने के लिए बुधवार को अपोलो हास्पिटल के सभागार में कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस दौरान डाॅ. सजल सेन ने प्री नेटल क्लासेस को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि कार्यशाला में अनेक प्रकार के जानकारी दी जाती हैं जिससे महिलाओं के मन की भ्रांतियों दूर होती है। स्त्री रोग विशेषज्ञ डाॅ. रश्मि शर्मा ने गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को व्यायाम, खानपान, दवाओं, चिकित्सकीय सलाह और जीवन शैली पर विशेष ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि गर्भवती महिला को यथाशक्ति शारीरिक रूप से सक्रिय रहना चाहिए। जिसका लाभ प्रसव के दौरान मिलता है। शिशु रोग विशेषज्ञ डाॅ.सुशील कुमार ने बताया कि प्रसवोपरांत यदि बच्चा सक्रिय है, दूध पिये या फिर यूरिन करता है तो ये अच्छे लक्षण हैं। जन्म के बाद परिवार के सदस्य विशेषकर छोटे बच्चे खुशी में नवजात को छूते हैं, जिसमें सावधानी बरतनी चाहिए। ताकि नवजात पर संक्रमण ना फैले। डाॅ. इंदिरा मिश्र प्रसव के दौरान मां के पहले दूध कोलस्टम को शिशु को पिलाने से शिशु में प्रतिरोधक क्षमता का विकार होता है। सुश्री तंजीम ने गर्भावस्था के दौरान समुचित पोषण युक्त, रेशेदार आहार की जानकारी दी। फिजियोथेरेपी विभाग की एमी मिश्रा ने उपस्थित भावी माताओं को गर्भावस्था के दौरान करने वाले वाले व्यायाम को बताया।
गर्भवती महिलाओं के लिए अपोलो में कार्यशाला का आयोजन
गर्भवती महिलाओं के लिए अपोलो हॉस्पिटल में कार्यशाला का आयोजन किया गया।