पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • Local
  • Chhattisgarh
  • Bilaspur
  • देश में प्रतिदिन 400 से ज्यादा हादसे इसलिए लोगों को कर रहे जागरूक

देश में प्रतिदिन 400 से ज्यादा हादसे इसलिए लोगों को कर रहे जागरूक

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
अपने सैलरी का आधा हिस्सा लोगों के हेलमेट के लिए खर्च करने वाले दिल्ली पुलिस के हेड कांस्टेबल संदीप शाही इन दिनों शहर में जन जागरूकता अभियान चला रहे हैं। मंगलवार को उन्होंने अग्रसेन चौक में वाहन चालकों से हेलमेट पहनने के तरीके व इससे होने वाले फायदे के बारे में बताया।

हेड कांस्टेबल संदीप शाही को दिल्ली के लोग हेलमेट मैन के नाम से जानते हैं। वर्तमान में वे रोहिणी जिले में पदस्थ हैं। देश में प्रतिदिन होने वाली 400 से अधिक सड़क दुर्घटनाओं में मौत से आहत होकर उन्होंने हेलमेट पहनने के लिए जन जागरूकता अभियान छेड़ रखा है। ट्रैफिक पुलिस में न होते हुए भी वे रूटीन ड्यूटी के बाद ट्रैफिक सिग्नल पर जाकर लोगों को सड़क सुरक्षा के लिए जागरूक करते हैं। बिलासपुर शंकर नगर में उनकी ससुराल है। उनके ससुर बबन राय आरपीएफ में एएसआई हैं। संदीप इन दिनों यहां आए हुए हैं। उनका कहना है कि बिलासपुर के लोगों में सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता नहीं है। इस बात को उन्होंने यहां रहकर देखा। सड़क नियमों की अनदेखी करते हैं। हेलमेट का उपयोग नहीं करते। उन्होंने एडिशनल एसपी ट्रैफिक से अनुमति लेकर टीआई बीपी सूर्यवंशी, कांस्टेबल आशीष द्विवेदी व होमगार्ड पंचूराम साहू के साथ शहर के विभिन्न चौक चौराहों पर यातायात नियमों के पालन करने के लिए लोगों को जागरूक किया। मंगलवार को इसी कड़ी में उन्होंने अग्रसेन चौक को चुना और मार्ग से गुजरने वाले वाहन चालकों से हेलमेट पहनने के लिए अपील की। इस दौरान उन्होंने पांफलेट भी बांटे ।

बिना हेलमेट वाहन चालकों को दी जा रही समझाइश।

सैलरी से 600 लोगों को बांट चुके हैं हेलमेट

दैनिक भास्कर से बातचीत में उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं का मुख्य कारण हेड इंजुरी है और इसके पीछे कारण केवल हेलमेट नहीं पहनना है। उन्होंने बताया कि आईएसआई मार्क हेलमेट ना पहनना, हेलमेट को सही तरीके से नहीं बांधना, हेलमेट नहीं पहनने के बराबर है। तीन सालों के भीतर वे 600 से अधिक लोगों को हेलमेट गिफ्ट कर चुके हैं। इन्हें वे अपनी सैलरी से खरीदते हैं। दिल्ली के लोग इसलिए उन्हें ‘हेलमेट मेन’ या ‘हेलमेट भाई’ कहते हैं। इस काम के लिए किसी संस्था या एनजीओ से सहयोग नहीं लेते।

चालान की बजाए उसी रकम से हेलमेट पहना देना

हेलमेट मेन के अनुसार उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, सड़क व परिवहन मंत्री नितिन गडकरी, गृह मंत्री राजनाथ सिंह को पत्र लिखकर अनुरोध किया है कि देश में विदाउट हेलमेट का चालान बंद कर उसी पैसे से आॅन स्पाट राशि तय कर हेलमेट पहना देना चाहिए, क्योंकि चालान से दुर्घटना में सुरक्षा सुनिश्चित नहीं हो जाती। इसका उनके पास जवाब भी आया है।

अंगदान का भी संकल्प: बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं से आहत होकर हेड कांस्टेबल ने दिल्ली एम्स को अपना संपूर्ण अंगदान करने का संकल्प भी लिया है। उनका सोचना है कि दुनिया से जाने के बाद 5-6 लोगों को जीवन दे सकूं। इस काम व सड़क सुरक्षा संदेश को बढ़ाते हुए एम्स के डायरेक्टर रणदीप गुलेरिया ने उन्हें सम्मानित भी किया है। इसी तरह दिल्ली पुलिस के अधिकारियों ने भी समय-समय पर अवार्ड व प्रशस्ति पत्र देकर उनका मनोबल बढ़ाया है।

खबरें और भी हैं...