सिलाई कर परिवार पाल रही युवती ने कहा- घर के लिए अफसर भटका रहे
अपनी चार बहनों, भाई और माता पिता को सिलाई कर पाल रही युवती के परिवार को सरकारी योजनाओं में आवास का लाभ नहीं मिल पाया। युवती के भाई को कैंसर, पिता विकलांग और मां को हार्ट की बीमारी है। उसने घर के लिए पहले प्रशासनिक अफसरों का दरवाजा खटखटाया था जिसे अफसरों ने उसे निगम भेज दिया। यहां भी संबंधित विभाग की महिला कर्मचारी सर्वे सूची में नाम नहीं है, कहकर प्रशासन के पास वापस भेज दिया।
सरकारी योजनाओं का लाभ गिनाने के लिए दावे तो बहुत होते हैं लेकिन जरूरतमंद को इसका लाभ नहीं मिलता। चुचुहियापारा निवासी जैनल पिता रहमान खान ने अटल आवास के लिए जिला प्रशासन के अफसरों के पास आवेदन किया था। आवेदन के बाद अफसरों ने उसे निगम भेज दिया। यहां संबंधित सेक्शन की महिला कर्मचारी ने उसे प्रधानमंत्री आवास के लिए आवेदन करने को कहा। जब युवती ने आवेदन किया तो उसे वर्ष 2011 की सर्वे सूची में नाम नहीं है कहकर वापस प्रशासनिक अफसरों के पास भेज दिया। युवती अपने परिवार के साथ चुचुहियापारा में किराए के मकान में रहती है। जैनल ने चर्चा में बताया कि उसकी माली हालत अभी सही नहीं है। भाई को कैंसर है जिसका वह सरकारी अस्पताल में इलाज करा रही है। पिता विकलांग होने की वजह से कमा नहीं सकते। मां को हार्ट की बीमारी है। ऐसे में वह अपनी चार बहनों के साथ पूरे परिवार को सिलाई कर पाल रही है। जैनल ने बताया कि उसे घर के लिए सिर्फ घुमाया जा रहा है। जरूरतमंद को यदि सरकारी योजना का लाभ नहीं मिले तो वह योजना किस काम की। हमारे सिर पर छत नहीं है। जैनल अपने घर के लिए किराया भी एकत्र नहीं कर पा रही है।
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