पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

वन विभाग में वर्किंंग प्लान तीन साल पहले ही बंद

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
वन विभाग में वर्किंग प्लान तीन साल पहले ही खत्म हो गया है। बिलासपुर वनमंडल में छुट-पुट ही काम हो रहे हैं। कैंपा मद से पौधारोपण का काम ही हो रहा है। इस बार भी वन विभाग के अफसरों का कहना है कि हमारे पास काम को कोई लक्ष्य नहीं है। इसके पूर्व वर्किंग प्लान तीन साल पहले वर्ष 2015 में समाप्त हो गया था।

वन विभाग में वर्किंग प्लान दस साल के लिए बनता है। इन दस सालों में क्या-क्या होना है। कितना प्लांटेशन होना है। कितना निर्माण कार्य किया जाना है। कौन-कौन से प्रोजेक्ट शुरू होने है। किस प्रोजेक्ट के लिए कितने फंड की मांग की जानी है। यह सभी कुछ वर्किंग प्लान के हिसाब से होता है। वर्किंग प्लान के अनुसार ही दस साल तक काम होते है। पिछली बार वर्किंग प्लान वर्ष 2005 से वर्ष 2015 के लिए था। उस वक्त वर्किंग प्लान के हिसाब से ही काम होता रहा लेकिन वर्किंग प्लान के समाप्त होने के बाद बिलासपुर वनमंडल को नया वर्किंग प्लान करने के लिए तीन साल का वक्त लग गया है। अब भी यह पूरी तरह तैयार नहीं हो पाया है और इसकी समीक्षा की जा रही है कि कहीं कोई त्रुटि न रह जाए। वर्किंग प्लान को सुप्रीम कोर्ट से अप्रूवल लेना होता है। यही वजह है कि इसे तैयार करने के पूर्व पूरी तरह सावधानी बरती जा रही है। हर प्रोजेक्ट को तैयार करते वक्त दो-तीन बार अध्ययन किया जा रहा है। इसके लिए बिलासपुर वनमंडल के अफसरों को लगाया गया है। पेंड्रा डिवीजन का वर्किंग प्लान पास हो चुका है इस वजह से वहां उसके हिसाब से काम हो रहा है।

वर्किंग प्लान तैयार हो रहा

बिलासपुर वनमंडल का वर्किंग प्लान अभी तैयार हो रहा है। इसे और अभी वक्त लगेगा। वर्किंग प्लान में छोटी-छोटी त्रुटियों को दूर किया जा रहा है। इसके बाद इसे अप्रूवल के लिए भेजा जाएगा। -टीआर जायसवाल, एसडीओ, बिलासपुर

खबरें और भी हैं...