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सूखे के कारण खेतों में फसल चौपट, बीमा कंपनी ने क्लेम दिया 2 रुपए या 92 पैसे

3 वर्ष पहले
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किसानों से करोड़ों रुपए लेकर उनकी फसल का बीमा करने वाली कंपनी इफको टोकियो ने सैकड़ों किसानों के साथ मजाक किया है। उनके खाते में डेढ़,दो, चार, पांच रुपए ही नहीं 92 पैसे तक जमा किए गए है। इससे किसानों में गुस्सा है। वे कह रहे हैं कि इससे अच्छा होता कि इतना भी न भेजते। मजाक तो नहीं करना चाहिए। सहकारी बैंक की सीपत ब्रांच हो या बिलासपुर की मेन ब्रांच यहां के कई किसानों के खाते में 92 पैसे, डेढ़ रुपए तक जमा कराया गया है।

दैनिक भास्कर ने कुछ ब्रांचों के किसानों को मिली क्लेम राशि की पड़ताल की तो पता चला कि कई किसानों को न के बराबर रकम दी गई है। जैसे मनपहरी निवासी सरस्वती बाई का करगीरोड ब्रांच में खाता है। उनके खाते में महज 1 रुपए 61 पैसे जमा कराया गया है। इसी तरह सीपत के श्रीराम सूर्यवंशी के खाते में 1.91 रुपए क्लेम जमा किया गया है। सीपत के ही नितिन कुमार को 2.2 रुपए क्लेम मिला है। सीपत के किसान श्यामभाऊ को अब तक नहीं पता कि उन्हें कितना क्लेम मिला है।

किसानों के खातों में आई रकम देखिए...

किसान का नाम बैंक खाता क्रमांक क्लेम की रकम

सरस्वती बाई 606018031464 1 रुपए 61 पैसे

नितिन कुमार 106001095149 2 रुपए 2 पैसे

श्यामभाऊ खरे 606009090089 1 रुपए 95 पैसे

संतोष यादव 106000045085 0 रुपए 92 पैसे

रामलाल घोसले 606009085490 2 रुपए 48 पैसे

प्रदुमन वर्मा 606009049199 3 रुपए 56 पैसे

श्यामलाल वर्मा 606009028849 4 रुपए 44 पैसे

(स्त्रोत- जिला सहकारी कंेद्रीय बैंक बिलासपुर)

वैभव शुक्ला, स्टेट मैनेजर इफको टोकियो कंपनी

सीधी बात

न्यूनतम रकम देना तय नहीं

इतने कम रुपए क्यों क्लेम दिया जा रहा है?

-नियम ही ऐसा है। औसत उपज के हिसाब से क्लेम देते हैं।

तब तो कई जगह 92 पैसे से भी कम क्लेम दिया गया होगा‌ ?

हां, कुछ किसानों को 58 पैसा भी मिला है।

समस्या का कोई हल नहीं है?

किसानों को न्यूनतम क्लेम रकम देने केंद्र को पत्र भेजा है।

सीपत का किसान बोला- किसानों का मजाक बन रहा

भाजपा नेता व सीपत निवासी द्वारिकेश पांडेय को भी 92 पैसा क्लेम दिया गया है। उन्होंने परिवार के तीन सदस्यों के साथ फसल बीमा कराया था। उनका कहना है कि अभी उन्हें क्लेम का नहीं पता पर यदि सौ रुपए से कम है तो क्लेम नहीं देना चाहिए। इससे किसानों का मजाक बनता है।

मुख्य शाखा में भी 14 किसानों को 59 रुपए

सहकारी बैंक की मुख्य शाखा नेहरू नगर में 14 किसानों के खातों में बीमा कंपनी ने 59 रुपए जमा करवाए है। हालांकि यहां 59 हजार, 73 हजार,एक लाख, 93 हजार, 1.69 लाख, 52 हजार पाने वाले किसान भी है। 14 मई को किसानों के खाते में रकम जमा करने के लिए मिली है।

जानिए... ये सूखा कितना सूखा था

542 गांव सूखे की चपेट में रहे।

84,803 कुल किसान बिलासपुर जिले में प्रभावित हुए।

60,908 हेक्टेयर में लगी धान की फसल को नुकसान।

62 हजार 525 किसानों ने इस योजना में फसल का बीमा कराया।

93 हजार 105 हेक्टेयर फसल का बीमा किया गया।

10 हजार 799 किसानों को क्लेम का पात्र पाया गया।

9 करोड़ 34 लाख रुपए क्लेम देने का निर्णय हुआ कई महीनों बाद।

51 हजार 726 किसानों को छोड़ दिया गया

(अौर अब बीमे का सच सामने आया जिन्हें क्लेम मिला वह भी रो रहे। जबकि बीमा कंपनी ने पहले ही सिर्फ 17 प्रतिशत किसानों का क्लेम मंजूर किया।)

फसल का बीमा कराया, नुकसान की राशि पाने हाईकोर्ट में याचिका

बिलासपुर| फसल बर्बाद होने के बाद किस तरह किसान बीमे के लिए चक्कर काट रहे है। यह हाईकोर्ट मंे लगाई गई एक याचिका में भी सामने आया है। मरवाही के रतगा गांव में रहने वाले 70 वर्षीय किसान हुकुम चंद राय ने अपनी फसल का प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बीमा कराया था। जिले में पड़े सूखे की वजह से उसकी फसल खराब हो गई, उसने बीमा की रकम के लिए बिलासपुर कलेक्टर के समक्ष 23 अप्रैल 2018 को आवेदन किया, कोई निर्णय नहीं लेने पर हाईकोर्ट में याचिका लगाई। याचिका में बिलासपुर कलेक्टर और बीमा कंपनी इफको-टोकिया जनरल इंश्योरेंस को पक्षकार बनाया गया था। मामले पर जस्टिस संजय के अग्रवाल की बेंच में सुनवाई हुई। हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता को कलेक्टर के समक्ष फिर से आवेदन प्रस्तुत करने और इस पर बिलासपुर कलेक्टर को नियमों के मुताबिक निर्णय लेने के निर्देश दिए हैं। इसी के साथ याचिका निराकृत कर दी गई।



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