साजिश: रिकॉर्ड के रजिस्टर में एंट्री नहीं पता नहीं चल रहा किन मरीजों को भेजा निजी अस्पताल
सिम्स में आने वाले मरीज जो बाद में यहां प्राइवेट अस्पताल भेज दिए या चले जाते हैं,का रिकार्ड रजिस्टर पिछले तीन दिन से मेंटेन नहीं किया जा रहा है। इससे आशंका है कि अब रजिस्टर को हटा ही लिया जाए। इस बात से प्रबंधन पिछले दिनों अवगत भी करा चुका है कि जब राज्य के अन्य मेडिकल कॉलेज या सरकारी अस्पतालों में ऐसा किसी प्रकार का रजिस्टर नहीं रखा जाता है तो फिर हमारे यहां ही इसे क्यों रखा जाता है। यह बात सही साबित होती भी दिख रही है। कुछ उदाहरणों से यह बात निकलकर आई थी और ऐसे आरोप भी कि मरीजों को निजी अस्पताल भेजने के लिए बड़ा कमीशन ले रहे हैं। बड़ी बात यह है कि सिम्स प्रबंधन कार्रवाई करने की जगह ऐसे लोगों को बचा रहा है।
तीन दिन पहले... जानिए कौन कहां और क्या लिखकर गया
1. 11 मई को रात 9 बजकर 6मिनट पर प्राइवेट एम्बुलेंस नंबर सीजी 28-1860 से कुमारी बाई उम्र 55 वर्ष निवासी भारतपुर लोरमी के पुत्र राजेश ने लिखा एमएम 1 से अपनी इच्छा से घर जा रहे है।
2. 12 मई की आधी रात 1 बजकर 10 मिनट पर 45 वर्ष के राम साहू निवासी बलौदाबाजार सीजी10 एएम -9860 एम्बुलेंस से गए। परिजन ने लिखा एमएम 1 से अपनी इच्छा से जा रहे हैं।
3.12 मई की दोपहर 1 बजकर 30 मिनट पर ऑटो से सरकंडा निवासी रामदेव 30 वर्ष के परिजन ने लिखा इलाज नहीं कराना चाहते इसलिए प्राइवेट अस्पताल जा रहे हैं।
4.12 मई की दोपहर 3:30 बजे ऑटो क्रमांक सीजी 10 एआर-7892 से 11 वर्ष की लक्ष्मी निवासी पेंड्रा के परिजनों ने लिखा कि आरथो वार्ड से ले गए मूंदड़ा हॉस्पिटल।