551 लीटर तेल से हुई शनिदेव की पूजा, 11 क्विंटल का प्रसाद बांटा
भगवान शनि की जयंती मंगलवार को मनाई गई। सुबह से ही मंदिरों में भगवान की पूजा-अर्चना करने श्रद्धालुओं की भीड़ एकत्र होने लगी थी। चिल्हाटी स्थिति शनि मंदिर में सुबह 4 बजे भगवान शनि की पूजा की शुरुआत हुई। सुबह 4 बजे 5 पंडित और 150 श्रद्धालुओं द्वार भगवान शनि का पंचाभिषेक किया गया। इसमें सभी लोगों ने भगवान को दूध, दही, फल, तेल, मीठा से अभिषेक किया। चिल्हाटी शनि मंदिर के भरत मुदड़ा के अनुसार सुबह से रात 11 बजे तक 551 लीटर तेल भक्तों ने भगवान को अर्पित कर सुख-समृद्धि मांगी। पूरे दिन मंदिर में 11 क्विंटल का प्रसाद वितरित किया गया। श्रद्धालुओं ने कष्ट के निवारण व परिवार में सुख-शांति बनाए रखने के लिए शहर के मंदिरों में भगवान शनि की पूजा-अर्चना की। वहीं चिल्हाटी, राजकिशोर नगर, जूना बिलासपुर कतियापारा शिव चौक स्थित शनि मंदिर में सुबह से ही भगवान शनि की पूजा-अर्चना शुरू हो गई थी। सबसे पहले भगवान शनि को पंचामृत स्नान कराया गया। इसके बाद सुबह 10 बजे भगवान का महाभिषेक किया गया। भगवान शनि की पूजा के साथ ही यहां हवन हुआ। इसमें भक्तों ने कष्ट निवारण के लिए शनि मंदिर में हवन किया। चिल्हाटी शनि मंदिर पुजारियों ने बताया कि पूरे दिन भगवान की पूजा-अर्चना करने भक्तों की लाइन लगी रही। मंदिर पहुंच भक्त स्नान कर पूजा-अर्चना करने पहुंच रहे थे। इसमें भक्तों ने भगवान शनि की केवल एक कपड़ा पहनकर तेल अर्पित कर पूजा की। वहीं महिलाएं मंदिर के नीचे से ही भगवान की पूजा-अर्चना की। राजकिशोर शनि मंदिर में भी आस-पास के लोगों ने पूजा-अर्चना की।
चिल्हाटी के शनि मंदिर में पूजा करते भक्त।
पूजा-अर्चना करने भक्तों की लाइन लगी रही, 150 श्रद्धालुओं ने किया पंचाअभिषेक