कथक नृत्य, चित्र और जूट कला सहित 10 विधाओं का 6 घंटे दिया जा रहा प्रशिक्षण
छत्तीसगढ़ शासन संस्कृति विभाग के सहयोग से बिलासा कला मंच द्वारा 10 दिवसीय कार्यशाला आकार का आयोजन किया जा रहा है। मंगलवार को इसका शुभारंभ हुआ। उद्घाटन समारोह के मुख्य अतिथि महापौर किशोर राय थे।
ग्रीष्मावकाश में चलने वाले इस शिविर के बारे में उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ शासन हर वर्ग के लोगों को हुनरमंद बनाना चाहती है। इससे लोग विभिन्न प्रकार की कलाओं को सीखकर अपने जीवन यापन का माध्यम बना सकें। इसीलिए शासन द्वारा हर वर्ष 10 दिवसीय आकार शिविर का आयोजन बिलासा कला मंच के सहयोग से किया जाता है। समारोह की अध्यक्षता कर रहे छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग के अध्यक्ष डॉ. विनय कुमार पाठक ने प्रतिभागियों से कहा कि वे खूब मन लगाकर सीखें और कला गुरुओं से आग्रह किया कि वे हर प्रशिक्षणार्थियों को बारीकी से ज्ञान दें। बिलासा कला मंच के संस्थापक डॉ. सोमनाथ यादव ने बताया कि इस वर्ष यह शिविर तिलक नगर प्राथमिक विद्यालय 25 मई तक चलेगा। प्रतिदिन दो पाली सुबह 7.30 से 10.30 बजे तक और शाम को 4.30 से 7.30 तक चलेगा। एक प्रतिभागी अधिकतम 2 विधा में प्रशिक्षण प्राप्त कर सकता है। सहसचिव रामेश्वर गुप्ता ने जानकारी दी कि इस वर्ष शिविर में 10 विधा पर प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसमें कथक नृत्य, रजवार भित्त चित्र, म्यूरल आर्ट, क्ले आर्ट, मृदा शिल्प, जुट कला, पैरा आर्ट, गोदना, वारली आर्ट, चित्रकला, गोड़ आर्ट पर पारंगत कला गुरुजनों द्वारा प्रशिक्षण दिया जा रहा है। आभार प्रदर्शन मंच के संयोजक राजेन्द्र मौर्य ने किया। इस अवसर पर बल्लू दुबे, राघवेंद्र धर दीवान, संस्कृति विभाग के कार्यक्रम संयोजक युगल तिवारी, जवाहर यादव, टीएस कंवर, डॉ. सुधाकर बिबे, अजय शर्मा, सनत तिवारी, देवानंद दुबे, रामचरण यादव, शीतलप्रसाद पाटनवार, अश्वनी पाण्डेय, ध्रुव देवांगन, सहदेव कैवर्त, प्रकाश यादव आदि बिलासा कला मंच के पदाधिकारी, सदस्य व कलाप्रेमी उपस्थित थे।