जिला प्रशासन द्वारा आयोजित कॅरियर मार्गदर्शन शिविर के तीसरे दिन छात्र-छात्राओं को कृषि, अकाउंटेंसी, मल्टीमीडिया, बैंकिंग और डिफेंस में रोजगार के अवसर की जानकारी दी गई। कृषि विशेषज्ञ विभु प्रसाद कर ने बताया कि भारत एक कृषि प्रधान देश है। यहां की पूरी अर्थव्यवस्था कृषि पर आधारित है। कृषि की पढ़ाई करके रोजगार की व्यापक संभावनाएं हैं। 12वीं के बाद कृषि में बीएससी की जा सकती है। इसके बाद सरकारी व निजी क्षेत्र में रोजगार की संभावनाएं रहती हंै। छात्रों के सवाल के जवाब में उन्होंने बताया कि रासायनिक खाद के उपयोग से स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है। इसलिए किसानों को जैविक खेती की तरफ रुख करना चाहिए।
शिविर में अकाउंटेंसी में करियर बनाने के लिए सीए मनोज शुक्ला ने बताया कि सीए बनने के लिए बारहवीं के बाद फाउंडेशन रजिस्ट्रेशन के माध्यम से पहले चरण की परीक्षा होती है। इसमें चार पेपर पास करने होते हैं। इसके बाद इंटरमीडिएट में रजिस्ट्रेशन होता है। इसमें आठ पेपर पास करने होते हैं। इसके बाद फायनल एग्जाम पास करके सीए बनते हैं। आज के दौर में सीए की बहुत मांग है। सीए बनने पर बहुत बड़े-बड़े पैकेज की नौकरी पाना बहुत ही आसान होता है। सरकारी सेवा में जो जाना चाहते हैं, वे बैंकिंग में सीए के रूप में कॅरियर बना सकते हैं। इसके साथ ही यूपीएससी के माध्यम से भारतीय राजस्व सेवा में जा सकते हैं। सीए का कोर्स एकमात्र ऐसा कोर्स है, जिसमें बहुत कम फीस लगती है और सैलरी काफी ज्यादा मिलती है। शिविर में मल्टीमीडिया एनिमेशन और डिफेंस के एक्सपर्ट ने भी उक्त क्षेत्रों में कॅरियर बनाने के टिप्स दिए। बच्चों को मनोरंजन और क्षेत्र भ्रमण के लिये रतनपुर और कानन पेंडारी जू भी घुमाया गया।
सिम्स ऑडिटोरियम में छात्रों को कृषि व सीए में कॅरियर बनाने प्रशिक्षण दिया गया।