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बच्चों को नशे की चपेट से दूर करने चलाएंगे अभियान

3 वर्ष पहले
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महिला बाल विकास विभाग और पुलिस की टीम जल्द बिलासपुर में नशे की चपेट में आ रहे बच्चों जबरिया बाल श्रम रोकने की दिशा में काम करेगी। इसके लिए प्लानिंग तैयार कर ली गई है। बाल संरक्षण अधिकारी का कहना है कि पुलिस ने इसके लिए हामी भरी है। टीम ने शहर में 23 ऐसे कबाड़ियों की लिस्ट की तैयार की है। जहां एेसी गतिविधियां आम हो चुकी हैं। अफसरों के ये प्रयास इसी महीने से शुरू हो जाएगा।

बिलासपुर सहित अन्य क्षेत्रों में नशे का कारोबार बढ़ता जा रहा है। यहां तालापारा की स्लम बस्तियों के अलावा बंधवापारा, जरहाभाठा और अन्य क्षेत्रों में ये गोरखधंधा लगातार जारी है। इसके कारण यहां बच्चे इसकी ओर आकर्षित हो रहे हैं। नशे के लिए उन्हें रेल पटरियों के किनारे पॉलिथीन और कचरा उठाते देखा जा सकता है। शहर में भी कई स्थानों पर 18 वर्ष से कम उम्र के किशोर ये काम कर रहे हैं। इसके कारण ही महिला बाल विकास विभाग और पुलिस की टीम ने इन्हें रोकने की दिशा में योजना तैयार की है। बाल संरक्षण अधिकारी पार्वती वर्मा का कहना है कि पुलिस अधिकारियों से कार्रवाई को लेकर चर्चा बाकी है। इसी महीने से ऐसे बच्चों को रोकने और सही दिशा में तैयार लाने का प्रय| होगा। अफसरों के मुताबिक इसकी कागजी योजना तैयार है।

कुछ सामाजिक संगठन भी फैला रहे जागरुकता

बिलासपुर में कुछ सामाजिक संगठन भी बच्चों को नशे की प्रवृत्ति से दूर करने के लिए प्रयासरत है। वे नुक्कड़, नाटक से गलियों में इसे प्रति न सिर्फ बच्चे बल्कि उनके पैरेंट्स को जगाने में लगी है। इसके लिए डाक्यूमेंट्री भी बनाई जा रही है। इसका भी सकारात्मक परिणाम मिल रहा है।

योजना हो गई तैयार

बाल श्रम और बच्चों को नशे से दूर करने के लिए महिला बाल विकास और पुलिस की टीम जल्द काम करेगी। इसके लिए 23 कबाड़ियों की लिस्ट तैयार कर ली गई है। यहां बचचों को सामान बेचते देखा सकता है। ऐसा मानना है कि उन्हें सही दिशा में लाने से ये गड़बड़ी रुकेगी। जल्द पुलिस अफसरों से बातचीत के बाद इसी महीने से ये काम शुरू करेंगे। पार्वती वर्मा, बाल संरक्षण अधिकारी, बिलासपुर

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