निगम पहुंची पुलिस, हड़ताल की जगह बदलने कांग्रेसियों को दी समझाइश
नगर निगम कार्यालय के गेट पर सोमवार को मेयर किशोर राय के निकलते ही पुलिस पहुंच गई। सिविल लाइन पुलिस ने कांग्रेस पार्षद दल के नेता शेख नजीरुद्दीन से पूछा कि यहां मेयर के साथ क्या बात हो गई? जवाब में उन्होंने इसी अंदाज में जल उठाकर कसमें खाई। कहा कि यहां कोई हूटिंग नहीं हुई। जनता या किसी कर्मचारी को परेशान करने की कोई शिकायत सामने आए, तो वह धरना समाप्त कर देंगे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक सिविल लाइन टीआई बीएस खुटिया ने कांग्रेस नेताओं को भूख हड़ताल का स्थान बदलने की समझाइश दी। कहा कि नेहरू चौक से कलेक्टोरेट तक धरना, प्रदर्शन पर रोक है। इस क्षेत्र में घारा 144 प्रभावशील है। बता दें कि 300 सफाई कर्मियों के सेट अप के लिए एमआईसी से प्रस्ताव पारित कराने की मांग को लेकर कांग्रेसी पार्षद पिछले 20 दिनों से निगम के गेट के सामने क्रमिक भूख हड़ताल कर रहे हैं। गेट पर मंत्री की कार पार्क होने पर पिछले दिनों कांग्रेसियों ने हंगामा मचाया, जिस पर 33 जनों की गिरफ्तारी की गई।
आरोप लगाया गसा कि हड़ताल पर बैठे कांग्रेसियों ने हूटिंग की।
दिग्गी ने दैवेभो को रात को नौकरी से निकाला था
मेयर किशोर राय ने कांग्रेसियों की हड़ताल को जबरिया बताते हुए कहा कि उन्हें इतिहास नहीं भूलना चाहिए। 1998 में अविभाजित मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने आधी रात को प्रदेश भर के दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को नौकरी से निकालने का आदेश देकर हजारों परिवारों को संकट में डाल दिया था। मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह ने चरणबद्ध ढंग से उनकी नौकरी बहाल की। सद्बुद्धि की जरूरत को कांग्रेसियों को है, जो कार के सामने लेटते हैं और मुक्का मारते हैं।
मेयर की सद्बुद्धि के लिए आज यज्ञ करेंगे: शेख
शेख नजीरुद्दीन ने भास्कर से बातचीत में स्पष्ट किया कि आज दोपहर मेयर के लौटते वक्त उन्होंने नमस्कार करते हुए गरीब कर्मचारियों के हित में प्रस्ताव पारित करने की मांग भर की थी। शांतिपूर्ण आंदोलन के बावजूद मेयर दमन के लिए पुलिस का सहारा ले रहे हैं। मेयर की सदबुद्धि के लिए मंगलवार को कांग्रेसी सदबुद्धि यज्ञ करेंगे। इसके बाद भी मांग पूरी नहीं हुई, तो मंत्री की सदबुद्धि के लिए यज्ञ करेंगे। निर्वाचित पार्षदों को शांतिपूर्ण आंदोलन करने से रोका नहीं जा सकता है।