ट्रेनों में चोरियों के बाद भी नहीं बढ़ा रहे बल, हर दिन दुर्घटनाएं हुई आम बात
्रेनों में लगातार चोरी और दूसरी घटनाएं हो रही हैं। जीआरपी के पास ट्रेनों के मुकाबले पर्याप्त बल ही नहीं है। कई ट्रेनों में ड्यूटी नहीं लगाए जाने के कारण अपराधिक घटनाएं हो जाती हैं। जीआरपी के अफसरों का कहना है कि राज्य बनने के बाद से यहां से गुजरने वाले ट्रेनों की संख्या के अलावा यात्रियों की संख्या आैर अपराधों की संख्या में भी बढोतरी हुई है। लेकिन न तो जीआरपी के स्टाफ में बढोतरी हुई है आैर न ही नवीन थाना आैर चौकी बनाए गए हैं। इसके अलावा कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए भी पर्याप्त स्टाफ नहीं है। यही वजह है कि जीआरपी की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगाए जाते हैं। पिछले आंकड़ों पर गौर करें तो पता चलता है कि यात्रियों की सुरक्षा और रेलवे में दूसरी परेशानी आम हो चली है। जिम्मेदार अधिकारी सबकुछ जानकार हालातों को सुधारने पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। इसलिए यहां कई साल पुरानी व्यवस्था संचालित हो रही है। ऐसी परेशानी सिर्फ बिलासपुर नहीं, रायपुर, डोंगरगढ़, राजनांदगांव से लेकर कई स्थानों में बनी हुई है।
बिलासपुर में जीआरपी को काम से सुचारु संचालन के लिए लगभग 50 कर्मचारियों की जरूरत है। रायपुर में तकरीबन साढ़ सौ और दूसरे जगहों पर ऐसी कमी बरकरार है। इसके चलते लोग परेशान हैं।