चाय के बाद अब चीन कॉफी का गढ़ बनने की तैयारी में!
चीन के युन्नान प्रांत में पिछले दिनों दुनियाभर के कॉफी विशेषज्ञ एक टेबल के आसपास जमा थे। टेबल पर कई कप रखे थे, जिनमें उबलती हुई कॉफी डाली गई थी। एक ओर कॉफी बोने वाली एक किसान यांग फेन खड़ी हुई थीं। उसे इंतजार था कि ये विशेषज्ञ उसकी कॉफी के बारे में क्या बोलने वाले हैं।
ये वाकया पूएर इंटरनेशनल स्पेशलिटी कॉफी एक्सपो का है, जिसमें यह बताया गया कि चीन चाय का तो गढ़ है ही, लेकिन उसमें दुनिया का सबसे बड़ा कॉफी उत्पादक बनने की भी ताकत है। पुएर्स टॉर्च कॉफी रोस्टर के सीईओ सेमुअल गुरेल यांग से कहते हैं कि यदि मैं कहूं कि ये कोलंबिया कॉफी या पनामा कॉफी के समान है तो कोई भी मुझसे इस पर बहस नहीं करेगा। उनकी बात सुनकर यांग मुस्करा देती हैं। इससे यह पता चलता है कि किस तरह से चीनी कॉफी उत्पादन में भी पकड़ बनाते जा रहे हैं।
बीजिंग में प्राइवेट इक्विटी में लंबे समय से निवेश करने वाली लियु यिंग का कहना है कि युवा ऑफिसों में चाय के स्थान पर कॉफी पीने में ज्यादा रुचि लेते हैं। हालांकि अभी भी पूएर शहर चाय का पर्याय बना हुआ है। ये शहर लाओस की सीमा के पास में है। पूरा इलाका चाय के बागानों से ढंका हुआ है। यहां पर चीन की सबसे रिफाइंड चाय का उत्पादन होता है।
इस इलाके में जो तापमान है, वह अरेबिका कॉफी के उत्पादन के भी लायक है। चूंकि चीन में अब लोग चाय की बजाय कॉफी की ओर अधिक आकर्षित हो रहे हैं, इसलिए इस इलाके के किसान इस जरूरत को पूरा करने में लगे हुए हैं। चीन में होने वाली समस्त कॉफी में से 98 फीसदी यून्नान प्रांत से आती है। इसमें से आधी पुएर से आती है। तीन दशक पहले तक चीन में कॉफी का उत्पादन नहीं होता था, लेकिन अब चीन दुनिया में 13वां सबसे बड़ा कॉफी उत्पादक देश हो चुका है। वहां पर हर वर्ष 1 लाख 36 हजार टन कॉफी का उत्पादन होता है।
स्टारबक्स ने पिछले आठ वर्ष से युन्नान के किसानों से भागीदारी कर रखी है। पिछले वर्ष पहली बार स्टारबक्स ने पहली युन्नान कॉफी लॉन्च की थी। कुछ दिनों बाद सिएटल में होने वाले सालाना स्पेशियलिटी कॉफी एक्सपो में चीन की कॉफी को शोकेस किया जाना है। दुनियाभर में कॉफी के दामों में गिरावट आती जा रही है। ऐसे में चीनी किसानों ने पहले से ही कॉफी की प्रोसेसिंग की दरें तय कर रखी है, वे अलग-अलग फ्लेवर में कॉफी बाजार में दे रहे हैं। यांग कहती हैं कि कॉफी की जो कीमतें अभी मिल रही हैं, उनसे तो परिवार को चला पाना मुश्किल है। फिर भी चीन की इस पहल से कॉफी उत्पादक तमाम देश सचेत हो गए हैं। क्योंकि चीन कब आगे निकल जाए इसका पता ही नहीं चलता।
टेक्नोलॉजी: टेक फ्री प्राइवेट स्कूल, टेक फ्री मीटिंग जैसे विचारों पर मंथन
अब टेक्नोलॉजी की लत को दूर
करने में लगी सिलिकॉन वैली
दैिनक भास्कर, बिलासपुर, रविवार, 15 अप्रैल 2018
लोगों को 24 घंटे में स्मार्टफोन चैक करने की ऐसी लत
रात 10 से 10.55 के बीच
टैक्सी के बिल के पेमेंट के लिए स्मार्टफोन का प्रयोग
रात 9 से 10 बजे
टीवी देखते हुए करते हैं, स्मार्टफोन का प्रयोग
शाम 7 से 8 बजे
परिवार के साथ डिनर के दौरान स्मार्टफोन का प्रयोग
शाम 6 से 7 बजे
दोस्तों से बात करने के लिए प्रयोग
शाम 5 से 6 बजे
पब्लिक ट्रांसपोर्ट में पैसे देने के लिए स्मार्टफोन प्रयोग करते हैं।
दोपहर 3 बजे
स्मार्टफोन का प्रयोग ई-मेल के लिए
आपात स्थिति न होने पर कर्मचारियों को ईमेल नहीं
81%
68%
80%
9%
9%
37%
दोपहर 1 बजे
काम करते हुए प्रयोग करते हैं स्मार्टफोन
27%
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23
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19
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16
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89%
जर्मनी में फॉक्सवेगन और बीएमडब्ल्यू जैसी कंपनियों ने कर्मचारियों को बेवजह ईमेल भेजने से रोकना शुरू कर दिया है। यह आदेश दिया है कि जब तक आपात स्थिति न हो ई-मेल भेजना बंद कर दिया जाए।
रात 11.05 बजे
सोने से पहले 5 मिनट स्मार्टफोन चैक करते हैं
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78%
सुबह 10.45 बजे
काम के लिए प्रयोग करते हैं स्मार्टफोन
32%
रात 3 बजे
34%
आधी रात को चैक करते हैं इतने लोग स्मार्टफोन
32%
07.00 बजे
उठने के 5 मिनट बाद स्मार्टफोन चैक करते हैं
07.05 बजे
उठते ही पहले चैक करते हैं मैसेजेस
29%
08.00 बजे
पब्लिक ट्रांसपोर्ट में जाते हुए चैक करते हैं
इस्लाम विरोधी रुख ने हंगरी में विक्टर को फिर से जिताया
इयान ब्रेमर
विक्टर ओरबन और उनकी पार्टी फेडरेशन ऑफ यंग डेमोक्रेट्स को एक बार फिर से भारी बहुमत से हंगरी की जनता ने जिताया है। उन्हें अनुदारवादी लोकतांत्रिक नेता माना जाता हैे। इनकी पार्टी को दो-तिहाई बहुमत मिला है। ओरबन तीसरी बार लगातार चुने गए हैं। प्रधानमंत्री के तौर पर उन्होंने शरणार्थियों के खिलाफ अभियान चला रखा था। इस जीत के बाद विक्टर के मीडिया और बिजनेस लीडर्स पर प्रहार और तेज हो जाएंगे। ये दोनों ही इनकी बातों के समर्थक नहीं माना जाते हैं। पेरिस में चार्ली हेब्दो के हमले के बाद विक्टर ने एकदम सख्ती कर दी थी। उन्होंने इस्लामिक हमलावरों की घुसपैठ के खिलाफ चेतावनी दे रखी थी। इसी रुख ने उन्हें भारी बहुमत से जिताया है। हंगरी में 6 फीसदी आबादी ऐसी है, जो विदेशी मूल की है। विक्टर नहीं चाहते कि विभिन्न संस्कृतियों के शरणार्थी उनके देश में शरण लें। साथ ही वे यूरोपीय संघ द्वारा निर्धारित कोटा प्रणाली के पक्ष में नहीं हैं, जिसमें हंगरी के संविधान में यूरोपीय संघ के लिए कुछ प्रावधान करने की बात है। शरणार्थियों के मामले में यूरोपीय संघ ने चैक, स्वोवाकिया, रोमानिया से कुछ लोगों को अपने यहां शरण देने की बात कही थी, लेकिन विक्टर ने तत्काल आपत्ति ली और अनुमति नहीं दी थी।
कई राज्यों में दर्द के लिए मारिजुआना की अनुमति
अमेरिका में इन दिनों कुछ ऐसे आदेश दिए जा रहे हैं, जो चौंकाने वाले हैं। न्यूजर्सी, मिनिसोटा और न्यूयॉर्क में इस प्रकार के आदेश जारी हुए हैं। पिछले दिनों न्यूजर्सी में घोषणा की गई कि बेचैनी से राहत के लिए लोगों को मारिजुआना का सेवन करने की अनुमति दी जाती है। गवर्नर फिल मर्फी का कहना था कि ऐेसेे कदमों से मरीजों और उनकी देखरेख करने वालों का खर्च बचाया जा सकता है। इसी प्रकार से मिनीसोटा में भी जिन लोगों को नींद न आने की परेशानी है, या स्लीप एप्निया की शिकायत है, उन्हें मारिजुआना दिया जा सकता है। नवंबर में यहां के स्वास्थ्य विभाग ने इस संबंध में आदेश दिया, साथ ही जो लोग ऑटिज़्म से पीड़ित हैं, उन्हें भी यह दिया जा सकता है। पिछले वर्ष नवंबर माह में न्यूयॉर्क के गवर्नर एंड्रयू कुओमो ने अत्यधिक दर्द, सदमे और तनाव जैसी करीब 12 स्थितियों में मारिजुआना देने संबंधी कानून को स्वीकृति दी है।
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