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हाईकोर्ट का बाबू बनकर जमानत कराने के नाम पर 70 हजार ठगे

3 वर्ष पहले
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हत्या के आरोपियों की हाईकोर्ट से जमानत कराने के नाम पर दो लोगों ने 70 हजार रुपए की ठगी कर ली। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने उनके खिलाफ धोखाधड़ी का जुर्म दर्ज कर लिया है। मामला सीपत थाना क्षेत्र का है। लूतरा शरीफ निवासी नसरत खान पिता सकूर खान 33 वर्ष के जीजा मोहम्मद मजीद व भांजा मोहम्मद मुख्तार हत्या के केस में बिलासपुर सेंट्रल जेल में बंद है। नसरत उनकी हाईकोर्ट से जमानत कराने के प्रयास में जुटा था। इसी दौरान 3 जनवरी 2017 को उसके घर दो लोग आए। इनमें से एक ने अपना नाम सैय्यद मंसूर अली व दूसरे ने आशिफ अली बताया। इनमें से सैय्यद मंसूर अली ने कहा कि वह हाईकोर्ट का बाबू है और दोनों मिलकर उसके जीजा व भांजे की जमानत करा सकते हैं। नसरत उनकी बातों में आ गया। दोनों ने जमानत कराने के एवज में नसरत से 70 हजार रुपए की मांग की। सौदा पक्का हुआ और उन्होंने बाकायदा स्टाम्प पेपर पर इकरारनामा भी लिखकर दिया। नसरत ने उन्हें 40 हजार रुपए नगद दिया था और 30 हजार रुपए का का एसबीआई का चेक दिया था। चेक सैय्यद मंसूर अली के नाम से लिए थे। चेक के माध्यम से भी उन्होंने रकम बैंक से अपने खाते में जमा करा लिया। कुछ दिनों तक दोनों नसरत से मोबाइल पर बातचीत कर आश्वासन देते रहे फिर उनका मोबाइल बंद हो गया। नसरत ने उन लोगों के बारे में पता किया तो दोनों ठग निकले। मंसूर अली इससे पहले भी काफी लोगों को ठग चुका था। धोखाधड़ी का अहसास होने पर नसरत सीपत थाने गया और रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ ठगी का जुर्म दर्ज कर लिया है। उनकी तलाश की जा रही है।

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