राज्य में सिर्फ पांच संवैधानिक पद, इनमें से एक महाधिवक्ता प्रोटोकॉल में 22वें, हाईकोर्ट ने केंद्र व राज्य से मांगा जवाब
सुप्रीम कोर्ट में सरकार का पक्ष रखने के लिए एटार्नी जनरल की नियुक्ति की जाती है, यह संवैधानिक पद है। एटार्नी जनरल संसद को संबोधित कर सकते हैं। वहीं, हाईकोर्ट में राज्य सरकार का पक्ष रखने के लिए महाधिवक्ता की नियुक्ति की जाती है। वे भी विधानसभा को संबोधित कर सकते हैं। एटार्नी जनरल केंद्र और महाधिवक्ता राज्य के सर्वोच्च कानून अधिकारी होते हैं। महाधिवक्ता स्टेट बार कौंसिल के पदेन सचिव भी होते हैं।
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एटार्नी जनरल की नियुक्ति संविधान के अनुच्छेद 76 के तहत होती है। इस अनुच्छेद में एटार्नी जनरल के कार्यों व अधिकारों की विस्तृत व्याख्या की गई है। वहीं राज्य के महाधिवक्ताओं की नियुक्ति संविधान के अनुच्छेद 165 के तहत की जाती है। महाधिवक्ता राज्य के विधिक सलाहकार होने के साथ ही सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट में प्रस्तुत मामलों में सरकार का पक्ष रखते हैं।
संविधान के अनुच्छेद
165 के तहत नियुक्ति