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साजना दिवस पर सजा विशेष दीवान, अटूट लंगर बरता

3 वर्ष पहले
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बैसाखी शनिवार को खालसा पंथ साजना दिवस के रूप में मनाई गई। खालसा पंथ के सृजना दिवस पर शहर के गुरुद्वारों में विशेष दीवान सजाया गया। अटूट लंगर का बरता गया। गुरुद्वारे में छबील सेवा भी बरती गई। सुबह से गुरुद्वारा में मत्था टेकने वालों का तांता लगा रहा। रागी जत्थों ने कीर्तन कर संगत को निहाल किया। गुरुद्वारा में सजावट की गई थी।

गुरु सिंघ सभा गुरुद्वारा में प्रेम, श्रद्धा और उत्साह के साथ साजना दिवस मनाया गया। संगत ने सुबह से गुरुद्वारों में मत्था टेका। शबद-कीर्तन के बाद लंगर में शामिल होकर प्रसाद ग्रहण किया। इस अवसर पर दयालबंद गुरुद्वारा में दीवान सजाया गया और लंगर का आयोजन हुआ। धर्म प्रचार कमेटी के चेयरमेन ने बताया कि बैसाखी पर्व के लिए चंडीगढ़ से आए भाई साहब बलविंदर सिंघ रंगीला ने गुरुवार से संगत को निहाल किया। उन्होंने समाज के लोगों को सेवा कार्य के लिए प्रेरित किया। शनिवार को विशेष दीवान में हजूरी रागी जत्था भाई सतपाल सिंघ दिल्ली वाले और हेड ग्रंथी गुरुद्वारा दयालबंद भाई मान सिंघ ने हाजरी भरी। इस अवसर पर मौजूद लोगों ने गुरुग्रंथ साहब के समक्ष मत्था टेका। गुरु सिंघ सभा के प्रधान अमरजीत सिंह दुआ ने समूह साध संगत को बधाई दी। आयोजन को सफल बनाने में प्रबंधक कमेटी के परमजीत सिंह सलूजा, जगमोहन सिंह अरोरा, त्रिलोचन सिंह अरोरा, जोगेंदर सिंह गंभीर, सुरजीत सिंह सलूजा, अमरजीत सिंह छाबड़ा, चरणजीत सिंह दुआ, अजीत सिंह गंभीर, गुरमेज सिंह छाबड़ा, भूपेंदर सिंह गांधी, पंजाबी युवा समिति, पंजाबी सेवा समित, स्त्री सत्संग, सुखमनी सर्कल पंथ, प्रचार कमेटी, अकाल पुरख की फौज, खालसा सेवा समिति के पदाधिकारी शामिल हुए।

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