भाव मुसाफिरी के लिए धर्म करना जरूरी: मुनि पंथक
बिलासपुर | गुजराती जैन समाज के द्वारा जैन भवन में कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। पंथक मुनि ने शनिवार को प्रवचन के दौरान कहा कि अगर कोई भी प्रवासी भात्ता (खाना) और पानी को साथ लिए बगैर प्रवास करेगा तो उस दौरान भूख और प्यास की चिंता रहेगी। साथ में लेकर चलेगा तो सब कुछ से छुटकारा मिलेगा।
इसी प्रकार से भाव मुसाफिरी में अगर कोई व्यक्ति इस मनुष्य भाव से दान, शीतलता, तप और भाव जैसा धर्म किए बिना, धर्म करणी पानी साथ में लिए बिना प्रवास करेगा तो परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। रोग और व्याधि से पीड़ित रहते हुए मुसाफिरी करनी पड़ेगी। अगर मुसाफिरी धर्म करणी के अनुसार की जाएगी तो परेशानी नहीं होगी। अमरेश जैन ने बताया कि मुनि श्री की गोचरी सुबह तारा सेठ परिवार और दोपहर में आहारचर्या का गांधी परिवार को लाभ मिला। प्रवचन के बाद प्रभावना रामा जेठालाल तेजाणी परिवार दी गई। प्रवचन में मधुकर गांधी, हेमंत सेठ, गोपाल वेलाणी, प्रफुल्ल मेहता, दीपक गांधी, नरेंद्र तेजाणी, राजू तेजाणी, वंदना दोषी, दीपा सुतारिया, भावना गांधी, वत्सला तेजाणी, रूपल शाह, कीर्ति गांधी, शिरीष दोषी आदि मौजूद थे।