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जिन बचत बैंकों में गड़बड़ी, वहां सीधे पहुंच रही सीबीआई

3 वर्ष पहले
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सहकारी केंद्रीय बैंकों में चल रही सीबीआई जांच के दौरान अधिकारी जिस बचत बैंक में गड़बड़ी है, वहां सीधे पहुंच रही है। पिछले दिनों मुंगेली के दरदेई में एक महिला अफसर पहुंची और दस्तावेज खंगालने के बाद वापस लौट आई। इससे पहले सीबीआई ने कोई 40 के खिलाफ इसी मामले में एफआईआर दर्ज की है। गौरतलब है कि हाईकोर्ट के निर्देश के बाद सहकारी केंद्रीय बैंक के अधीन 32 बचत बैंकों में 50 करोड़ से अधिक के घोटाले की जांच कर रही सीबीआई ने प्रारंभिक जांच के बाद 40 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। फिलहाल इनके नाम उजागर नहीं किए जा रहे हैं। सीबीआई ने कुछ दिन पहले घोटाले से जुड़े मामलों की रिपोर्ट बनाकर दिल्ली मुख्यालय में बड़े अफसरों को भेजी है। वहां से निर्देश मिलने के बाद जुर्म दर्ज किया गया है। अब इसी मामले की दूसरी इंवेस्टिगेशन शुरू हो चुकी है। इससे बचत बैंकों में हड़कंप मचा हुआ है। सहकारी बैंकों के अधीन बचत बैकों में करोड़ों के घोटाले सामने आ चुके हैं। लोगों की शिकायत के बाद सहकारी संस्था ने कोई दो साल पहले एक के बाद कर इन बैंकों की जांच करवाई। ऑडिट रिपोर्ट मंगवाए गए। सामने आया है कि यहां बड़े पैमाने पर पैसों की गफलत हुई है। पहले फेज में सहकारी बैंक के पदाधिकारियों ने उन लोगों के लिए पैसों की मांग की जिन्हें बचत बैंकों से उनके खुद के जमा किए रुपए नहीं मिल रहे थे। इसके लिए शासन से 10 करोड़ का लोन लेकर किसानों में बांटा गया। घुटकू और सेमरताल में पुलिस की कार्रवाई भी हुई। पर उन 30 बैंक के पदाधिकारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई, जिन पर गबन के आरोप हैं। विपक्ष और आम लोगों ने सरकार पर आरोप लगाए कि वे इन्हें बचाना चाह रही है। इसके चलते जांच की आंच जानबूझकर ठंडी पड़ी है। इन सब मामलों को देखकर ही हाईकोर्ट में याचिका लगाई गई। मामले में सीबीआई जांच की मांग हुई थी।

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