इमलीपारा: अधूरी सड़क और डिवाइडर की छड़ों से लोगों को आने-जाने में परेशानी, निगम बेपरवाह
इमलीपारा की सड़क को बनने में छह साल लग गए। धूल और गड्ढों के कारण लोगों को खूब परेशानी झेलनी पड़ी। और अब जब सड़क बन गई तो अधिकारी यहां डिवाइडर बनाने के नाम पर पब्लिक को परेशान कर रहे हैं। यहां गड्ढों के बीच छड़ों को यूं ही छोड़ दिया गया है। इससे किसी भी वक्त दुर्घटना हो सकती है। इसके बाद अधिकारी काम को जल्द कराने की ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
इससे पहले नजूल शाखा और बाजार विभाग के संयुक्त अमले द्वारा इमलीपारा रोड के 75 दुकानदारों को नोटिस जारी किया गया।इन दुकानों को हटाकर 80 फीट की चौड़ाई में रोड सीधे बस स्टैंड चौक से जाेड़ने की बात थी, ताकि लिंक रोड पर दिनोंदिन बढ़ते ट्रैफिक को डायवर्ट किया जा सके। यहां कोई दो करोड़ रुपए खर्च हो चुके हैं, परंतु अब भी परेशानी बरकरार है। सड़क के बीन नए डिवाइडर का कार्य अधूरा है। आबादी से साथ वाहनों की संख्या में दिन-ब-दिन हो रही बढ़ोतरी के चलते लिंक रोड पर ट्रैफिक जाम की नौबत रहती है। इस समस्या को दूर करने के लिए ट्रैफिक इमलीपारा रोड पर डायवर्ट करने की योजना जिला प्रशासन ने छह साल पहले बनाई थी, परंतु रोड के अधूरे निर्माण तथा पुराने बस स्टैंड के पास निगम द्वारा आवंटित 75 दुकानों के चलते समस्या आ रही थी। इसे सुधार ली गई है। इधर रात में गुजरने वाले लोग इमलीपारा से आवागमन करने में कतरा रहे हैं। उनका कहना है कि ऐसी स्थिित में अंधेरे के दौरान कोई भी इससे फंसकर गिर सकता है। इसके बाद कोई इस पर ध्यान नहीं दे रहा है।
लोगों ने कहा धूल और गर्दो-गुबार से तकलीफ
लोगों ने बताया कि यहां ट्रैफिक दफ्तर के करीब जुड़ने वाली सड़क से आगे तक दिक्कत बनी हुई है। सड़क और डिवाइडर का काम अधूरा है। इसके कारण उन्हें धूल और गड्ढों से गुजरना पड़ रहा है। काम की रफ्तार भी धीमी है। गर्दाें गुबार के कारण उन्हें यहां से गुजरने का मन नहीं करता। यही कारण है कि उन्होंने इसकी अफसरों से शिकायत करने काम मन बनाया है।
इमलीपारा की सड़क का नजारा। यहां लोगों को गुजरने में तकलीफ हो रही है।