अफसरों के प्रभार में फेरबदल की तैयारी
प्रशासनिक रिपोर्टर | बिलासपुर
जिला प्रशासन में एक बार फिर उलट फेर शुरू हो गया है। डिस्ट्रिक्ट माइनिंग फंड की जिम्मेदारी डिप्टी कलेक्टर आशुतोष चतुर्वेदी को देने की तैयारी चल रही है जबकि अपर कलेक्टर बीएस उइके को निर्वाचन का जिम्मा सौंपा जा रहा है। अब तक डीएमएफटी जिला खनिज अधिकारी तो निर्वाचन संयुक्त कलेक्टर राजेंद्र गुप्ता देख रहे हैं।
आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर और एडिशनल कलेक्टर केडी कुंजाम के ग्रामोद्योग विभाग में डायरेक्टर बनाए जाने के बाद कलेक्टोरेट में नए सिरे से कार्यविभाजन की तैयारी शुरू हो गई है। कुछ ही दिनों में कलेक्टर पी.दयानंद द्वारा कार्यविभाजन किया जाएगा। कुंजाम के जाने के बाद अपर कलेक्टर आलोक पांडेय को एडिशनल कलेक्टर बनाया जाना लगभग तय है। इसके पीछे तर्क ये भी है कि बीएस उइके को प्रशासन ने पहले से ही पेंड्रारोड अतिरिक्त कलेक्टर बनाया है, ऐसे में उन्हें बिलासपुर एडीएम नहीं बनाया जा सकता। वहीं एक अन्य अपर कलेक्टर पीएस उपाध्याय जून में रिटायर हो जाएंगे। इन दिनों वे अस्वस्थ भी है। हालांकि अभी चार अपर कलेक्टर काम कर रहे हैं जबकि जिले में अपर कलेक्टर के दो पद ही स्वीकृत है। डीएमएफ पर अभी राज्य शासन की नजर है और इसे सीधे मुख्यमंत्री देख रहे हैं। ऐसे में सीएम फैलो और डिप्टी कलेक्टर चतुर्वेदी दोनों मिलकर इसका काम देखेंगे। जिला खनिज अधिकारी आर.मालवे ने इस संबंध में प्रस्ताव बनाकर कलेक्टर के पास भेज दिया है। हालांकि कलेक्टर इस पक्ष में नहीं है लेकिन यह कहा जा रहा है कि चतुर्वेदी को ही जिम्मा दिया जा सकता है। इधर उप जिला निर्वाचन अधिकारी व संयुक्त कलेक्टर राजेंद्र गुप्ता के तीन साल पूरे होने वाले हैं। ऐसे में उनका आने वाले दिनों में तबादला होगा। इसलिए निर्वाचन का जिम्मा अपर कलेक्टर उइके को दिया जा रहा है। इस संबंध में भी फाइल चल रही है और उनका उप जिला निर्वाचन अधिकारी बनना लगभग तय है। उनके पास अनुभव भी अन्य अधिकारियों से ज्यादा है।