हफ्ते भर पहले सुरक्षा के अभाव में एक मकान की दीवार ढह गई थी
जरहाभाठा, ओम नगर में ठेकेदार की लापरवाही से नाली निर्माण के दौरान मकान की दीवार ढह जाने से काम कर रहे दो मजदूर दब गए। दोनों मजदूर नाली में कांक्रीटीकरण के लिए सेंटरिंग प्लेट लगा रहे थे, तभी हादसा हो गया। दुर्घटना मंगलवार की शाम पौने पांच बजे के करीब हुई। इसके बाद मौके पर अफरा तफरी मच गई। पास पड़ोस के लोग मजदूरों की जान की खातिर फिक्रमंद हो गए। गिरी हुई दीवार का मलबा हटाने के लिए उन्हीं मजदूरों ने सहायता की, जो वहां काम कर रहे थे। करीब 40 मिनट बाद निगम का एक्सवेटर सहायता के लिए पहुंचा। गिरी हुई दीवार के नीचे सेंटरिंग प्लेट में दबे मजदूरों को निकालने प्लेट हटाई गई, तो चीख पुकार मच गई। घायल मजदूरों को किसी तरह खींचकर बाहर निकाला गया। इसके बाद 108 बुलवाकर इलाज के लिए उन्हें जिला अस्पताल भेजा गया। घायलों की हालत ठीक है। एक मजदूर के पैर की हड्डी टूटने की खबर है। दुर्घटना स्थल पर ठेकेदार हरीश राठौर ने बताया कि पप्पू यादव ने नाली निर्माण का ठेका लिया था। गली में दीवार गिरने की पहली घटना के बाद उसने काम छोड़ दिया। इंजीनियर सुरेश शर्मा के कहने पर वह इस कार्य को पूरा करवा रहे हैं।
नाली निर्माण के दौरान मकान की दीवार ढही दो मजदूर दबे, लोगों की मदद से बचाया गया
दुर्घटना के 40 मिनट बाद मलबे में दबे मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
मजदूर अस्पताल से गायब..
दुर्घटना में घायल मजदूरों को अस्पताल ले जाने के लिए नागरिकों ने 108 बुलवाई। दोनों मजदूरों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। बताया जाता है कि ठेकेदार हरीश राठौर मजदूरों को एक्सरे कराने के लिए बाहर ले गया। इसके बाद उन्हें सरकंडा के गायत्री अस्पताल में भर्ती कराया गया। दैनिक भास्कर टीम अस्पताल पहुंची, तो स्टॉफ उनके स्वस्थ होने की दुहाई देने लगा। बताया गया कि ठेकेदार मजदूरों को छुट्टी करवा कर कहीं ले गया।
जोन कमिश्नर एवं कार्यपालन अभियंता पीके पंचायती ने पहले तो किसी हादसे से इनकार किया फिर पता कर बताने की बात कही। दो बार काल करने पर बताया कि ओम नगर में योगेश सिंह ने नाली निर्माण का काम ले रखा है। इंजीनियर को इस्टीमेट तैयार करने निगम बुलवा लिया गया था। मजदूरों को उपचार बाद छुट्टी दे दी गई है। उन्होंने कहा कि मकान बगैर नींव का था, इसलिए उसकी दीवार गिर गई।
ईई को पता नहीं, माना मौके पर बगैर इंजीनियर चल रहा था काम
सुरक्षा के उचित इंतजाम नहीं थे..
दुर्घटना के बाद वार्ड के लोग आक्रोशित हो उठे। इस बीच ठेकेदार ने वहां से लौटने पर ही भलाई समझी। घायल मजदूर उमाशंकर पोर्ते 28 वर्ष तथा उसका चचेरा भाई शिवकुमार 29 वर्ष तखतपुर के भठली गांव से यहां आकर पिछले दो महीने से नाली निर्माण का काम कर रहा था। मलबे से बाहर निकालने के बाद उसने बताया कि मौके पर सुरक्षा के उचित इंतजाम नहीं थे। दीवार में दबने बाद उन्हें बेइंतहा दर्द हो रहा था। उसका भाई भी पास ही दबा था। दोनों मिलकर सेंटरिंग प्लेट लगा रहे थे, तभी यह हादसा हो गया। शिव कुमार ने बताया कि उसके दाएं पैर में गहरी चोट लगी है। शायद पैर की हड्डी टूट चुकी है, जिसके कारण वह चल नहीं पा रहा है।
पार्षद ने ठेकेदार पर लगाए दुर्व्यवहार के आरोप, मजदूरांे से मिलने नहीं दिया
वार्ड पार्षद काशी रात्रे ने कहा कि हफ्ते भर पहले ओम नगर रोड पर ही सहारिया के मकान की दीवार गिर गई थी। इसके बाद उन्होंने कमिश्नर को लिखित शिकायत करते हुए सुरक्षा के उचित इंतजाम के साथ कार्य कराने कहा था। उन्होंने आरोप लगाया कि ठेकेदार आम लोगों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ कर रहा है। वार्ड के अधिकांश मकान कच्चे हैं, इसके बावजूद सुरक्षा का ख्याल नहीं रखा जा रहा है। घायल मजदूरों की पतासाजी करते हुए जब वह गायत्री अस्पताल पहुंचे तो ठेकेदार हरीश राठौर ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया। मजदूरों से मिलने नहीं दिया गया।