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169वीं गोष्ठी में कवियों ने दी प्रस्तुति

3 वर्ष पहले
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बिलासपुर | साहित्य समिति की 169वीं साहित्यिक कवि गोष्ठी संस्थापक बल्लू दुबे के निवास पर हुई। सभी कवियों ने अपनी रचनाओं की प्रस्तुति देकर साहित्यिक माहौल में चार-चांद लगा दिए।

वरिष्ठ शायर डॉ. राज मल्कापुरी ने अपनी गजलों से गोष्ठी को नई साहित्यिक ऊंचाइयां दीं, तो रचनाकार सनत तिवारी ने छत्तीसगढ़ी नवगीत न तै देवता बन न तै शैतान बन, बन तो बस तै इंसान बन से इंसानी चरित्र की व्याख्या की। बल्लू दुबे ने हास्य व्यंग्य की रचना हंसना मना है से सबको हंसाया, कवि हरवंश शुक्ल ने पर्दे पर अपनी रचना पढ़कर एक नए अनुभवों की कविता सुनाई। वरिष्ठ नाट्यकर्मी व गीतकार भरत वेद ने गीत, वरिष्ठ रचनाकार राघवेंद्र धर दीवान ने वास्तविकता आधारित काल्पनिक रचनाओं से सबक मन मोह लिया। इस अवसर पर गोष्ठी के संचालक हरवंश शुक्ल, बसंत ऋतुराज पांडेय, एनके शुक्ला, नितेश पाटकर, सनत तिवारी, श्रीधर आचार्य शील, कुमार पांडे, केवल कृष्ण पाठक, बुधराम यादव, रविंद्र पांडेय सहित अन्य कवि मौजूद रहे।

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