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अवैध वेंडिंग फिर से शुरू, आरपीएफ कर रही नजरअंदाज

3 वर्ष पहले
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बिलासपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म पर अवैध वेंडिंग करने वालों ने अब अपना-अपना क्षेत्र और समय बांध लिया है। एेसा आरपीएफ की आंखों में धूल झोंकने के लिए हो सकता है। इसकी पूरी जानकारी आरपीएफ के पास है लेकिन उनकी तरफ से ढील दी जा रही है। प्लेटफार्म पर सुबह से लेकर दोपहर तक अलग-अलग ट्रेनों में वेंडिंग हो रही है। कार्रवाई के नाम पर वे वेंडर पकड़े जा रहे हैं जो कि आसपास के इलाकों से ट्रेन में चढ़कर फेरी करते आते हैं।

गर्मी बढ़ने के साथ ही ट्रेनों में यात्रियों की भीड़ भी बढ़ गई है। इसका पूरा फायदा प्लेटफार्म पर अवैध वेंडिंग करने वाले उठा रहे हैं। पहले अवैध वेंडर खुले आम प्लेटफार्म पर आवाज देकर या फिर घूमकर समोसा, बड़ा, अंडा बिरयानी, वेज बिरयानी या अन्य खाद्य सामग्री बेचते थे। जो खाद्य सामग्री परोसी जा रही थी वह अमानक स्तर की होती है। उसकी शुद्धता की कहीं कोई जांच नहीं होती है। गर्मी के मौसम में वैसे भी खान पान में जरा सी खराबी जानलेवा हो जाती है। ऐसे में एहतियात जरूरी है। इसे हाईकोर्ट ने गंभीरता से लेते हुए इसके लिए न्यायमित्र नियुक्त किया है। इस मामले में रेलवे को अवैध वेंडिंग रोकने सख्त हिदायत दी गई थी। रेलवे के ओर से तो अवैध वेंडिंग या प्लेटफार्म पर वेंडिंग अधिकृत तौर पर बंद हो चुकी है। अब ट्रेन के यात्री को स्वयं उतरकर खाना लेने स्टॉल तक जाना होता है। 6-8 महीने तक तो आरपीएफ ने दबाव बनाकर रखा। लेकिन अब धीरे-धीरे छूट दी जाने लगी है। सुबह विशाखापट्नम-कोरबा एक्सप्रेस, रायपुर-कोरबा लोकल, अहमदाबाद एक्सप्रेस, जेडी और बीच-बीच में आने वाली स्पेशल ट्रेनों के समय में सामने और पीछे के जनरल कोच में वेंडर यात्री बनकर थैला में बंद सामान लिए प्रवेश कर जाते हैं और कोच के अंदर ही बेचते रहते हैं। बताया जा रहा है कि अवैध वेंडरों के संचालकों ने आपस में समझौता कर लिया है। कुछ लोग सिर्फ नागपुर एंड पर आने वाले जनरल कोच और उससे लगे रिजर्वेशन कोच पर सामान बेचते हैं तो कुछ हावड़ा एंड खाद्य सामग्री बेचते हैं। उन्होंने दायरा समेट लिया है। अलग-अलग समय में अलग-अलग लोग सामान बेचने आते हैं। ट्रेन के बीच के हिस्से में कोई नहीं अाता है। इस हिस्से के कोच में सवार यात्री स्टॉल से खाने-पीने का सामान ले रहे हैं। रेलवे महाप्रबंधक का रुख इस मामले में सख्त है। उन्होंने स्पष्ट तौर पर अवैध वेंडिंग पर पाबंदी लगाने को कहा है। संबंधित विभाग मामले में ठोस कार्रवाई नहीं कर रहा है। ऐसा नहीं है कि अवैध वेंडर पकड़े नहीं जा रहे हैं। जो पकड़े जा रहे हैं वे जांजगीर-चांपा, नैला, अकलतरा, कोटा, बेलगहना, खोंगसरा क्षेत्र के हैं। स्थानीय जो लोग ट्रेन में बेचते हैं वे पकड़ से बाहर हैं।

दिन भर में अलग-अलग ट्रेनों के टाइम पर पहुंचते हैं प्लेटफार्म पर, ठिकाना बदल-बदलकर कर रहे वेंडिंग

मेरी जानकारी में नहीं है

ट्रेनों में अवैध वेंडिंग की जानकारी मुझे नहीं है। इस पर तो सख्ती से पाबंदी लगाई है। फिर भी अगर कोई चोरी-छिपे ट्रेन में पहुंचकर वेंडिंग कर रहा है तो यह गलत है। इसके लिए अधिकारियों को लगाता हूं। -भवानी शंकर नाथ, सीनियर डीएससी बिलासपुर मंडल

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