सरकार के गोपनीय कार्य नियम की संवैधानिकता को चुनौती, सुनवाई बढ़ी
बिलासपुर | कार्यपालक शासन के लिए बनाए गए गोपनीय कार्य नियम को मौलिक अधिकारों का हनन, लोकतंत्र और पारदर्शिता के खिलाफ और भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने वाला बताते हुए लगाई गई जनहित याचिका पर सुनवाई बढ़ गई है। अब इस पर चार सप्ताह बाद सुनवाई होगी। बिलासपुर के वैशाली नगर में रहने वाले अखंड प्रताप पाण्डेय ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका लगाई है, इसमें राज्यपाल द्वारा भारतीय संविधान के अनुच्छेद 166 के खंड (2) (3) में प्राप्त शक्ति के प्रयोग में कार्यपालक शासन के लिए बनाए गए गोपनीय कार्य नियम को संविधान द्वारा दिए गए मौलिक अधिकारों का हनन बताया है। याचिका में कहा गया है कि कार्य नियम गोपनीय है, इसलिए वह लोकतंत्र व पारदर्शिता के विपरीत है। भ्रष्टाचार का अवसर देती है।