रेलवे रनिंग कर्मचारियों ने जताई नाराजगी कहा- बढ़ा हुआ माइलेज भत्ता तत्काल दें
केंद्रीय कर्मचारियों को 2 साल से सातवें वेतन आयोग के अनुसार वेतनमान दिया जा रहा है किंतु रेलवे के रनिंग कर्मचारियों को मिलने वाले किलोमीटर भत्ता की दरों में अब तक संशोधन नहीं किया गया। इस संशोधन की मांग को लेकर रेलवे के चालक, सहायक चालक और गार्ड देशभर में 3 दिन से आंदोलन कर रहे हैं । बुधवार को उन्होंने रैली निकालकर प्रधानमंत्री के नाम डीआरएम को ज्ञापन सौंपा।
ऑल इंडिया लोको रनिंग स्टाफ एसोसिएशन बिलासपुर मंडल के सचिव जेके देहुरी ने बताया कि केंद्रीय कर्मचारियों के लिए सातवें वेतन आयोग को लागू हुए 2 साल से भी अधिक समय हो चुका है। इस दौरान केंद्रीय कर्मचारियों को मिलने वाले लगभग सभी भत्तों का पुनः निर्धारण कर दिया गया, लेकिन रेलवे रनिंग स्टाफ जिसमें लोको पायलट, सहायक लोको पायलट और गार्ड आते हैं, उन्हें मिलने वाले किलोमीटर भत्ता की दरों में अब तक संशोधन नहीं किया गया है। इसके लिए 1980 से ही यह फार्मूला बना हुआ है कि रेलवे को नई दरों की लिए औपचारिक पत्र जारी करना है। इसी तरह से रिटायर्ड कर्मचारियों के पेंशन की दरों का निर्धारण नए वेतनमान के अनुसार अब तक नहीं किया गया है। इससे सभी रनिंग स्टाफ आक्रोशित हैं और आंदोलन करने का मन बना चुके हैं। रेलवे प्रशासन के रवैए के विरोध में ऑल इंडिया लोको रनिंग स्टाफ एसोसिएशन की केंद्रीय कार्यकारिणी के आह्वान पर देशभर में रनिंग कर्मचारियों ने 14 से 16 मई तक विरोध दिवस मनाया। इस दौरान 5 हजार से अधिक कर्मचारी शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान सभी कर्मचारी काली पट्टी लगाकर काम करते रहे। बुधवार को सुबह 10 बजे 5 सौ से अधिक कर्मचारियों ने रेलवे स्टेशन स्थित लाॅबी से रैली निकाली। इसमें 400 कार्यरत व 100 से अधिक सेवानिवृत्त रनिंग कर्मचारी शामिल हुए। रास्ते भर उन्होंने रेल प्रशासन से अपनी मांगों को पूरा करने नारे लगाते रहे। रैली में बिलासपुर के अलावा शहडोल, बिजुरी, रायगढ़, कोरबा, ब्रजराज नगर सहित अन्य समस्त क्षेत्रों के रनिंग कर्मचारी शामिल हुए।
रैली निकालकर प्रदर्शन करते रेलवे कर्मचारी।