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पुरुषोत्तम मास शुरू, 18 जून तक नहीं होंगे मांगलिक कार्य

3 वर्ष पहले
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पुरुषोत्तम माह बुधवार से शुरू हो गया है। पुरुषोत्तम माह के आरंभ होते ही मांगलिक कार्य रुक गए हैं। 16 मई से 18 जून तक विवाह, गृह प्रवेश, मकान खरीदी, भूमिपूजन आदि मांगलिक कार्य नहीं होंगे। इस दौरान धार्मिक अनुष्ठान, भागवत कथाएं आदि धार्मिक काम फलदायी माने जाते हैं।गोंड़पारा स्थित सीता-राम मंदिर के पं. लक्ष्मण शरण ने बताया कि हिंदू धर्म में पुरुषोत्तम मास (अधिक मास) हर तीन साल के बाद आता है। पुरुषोत्तम मास 16 मई से शुरू हो गया है। यह 13 जून तक रहेगा। अधिक मास 11 साल बाद ज्येष्ठ माह में आया है। इससे पहले 2007 में अधिक मास ज्येष्ठ माह में अाया था। संसार के पालनहार प्रभु विष्णु को पुरुषोत्तम मास बहुत ही प्रिय है। इस दौरान भगवान की पूजा-पाठ करने से वे प्रसन्न होते हैं। इस दौरान मांगलिक कार्य नहीं होते।

जनिए विवाह मुहूर्त को

जून 19, 20, 21, 22, 23, 25, 29

जुलाई 6, 10

दिसंबर 10, 13

हर तीसरे साल में बनता है पुरुषोत्तम महीने का संयोग

पं. लक्ष्मण शरण के अनुसार जिस महीने में सूर्य संक्रांति न हो वह महीना अधिक मास कहलाता है। अधिक मास शुक्ल पक्ष में शुरू होकर कृष्ण पक्ष में समाप्त होता है। आमतौर पर यह स्थिति 32 माह, 16 दिन और 36 सेकंड में हर तीसरे साल में बनती है। ऐसा सूर्य व पृथ्वी की गति में होने वाले परिवर्तन से तिथियों का समय घटने-बढ़ने के कारण होता है। ज्योतिष में चंद्र मास 354 दिन और सौर मास 365 दिन का होता है। इस कारण हर साल 11 दिन का अंतर आता है। चंद्र और सौर मास के अंतर को पूरा करने के अधिक मास की व्यवस्था की गई है।

वृष राशि में सूर्य 15 को सुबह 5.01 बजे पहुंचेगा

पं. लक्ष्मण ने बताया कि इस बार वृष राशि में सूर्य 15 मई को प्रात: 5.01 बजे पहुंचेगा। इसके चलते 12 मई के बाद 18 जून तक विवाह आदि के मुहूर्त नहीं बन रहे हैं। धर्मशास्त्रों के मुताबिक धार्मिक आयोजन ही करना श्रेयस्कर है।

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