बिलासपुर | शिक्षा विभाग के तत्वाधान में विकासखंड बिल्हा में आयोजित समर कैंप शुक्रवार को संपन्न हुआ। कैंप में शामिल बच्चों को स्वरोजगार का गुण सिखाया गया। बच्चों को मेहंदी बनाना, चित्रकला, डांस और योग की शिक्षा विशेषज्ञों द्वारा दी गई। यहां अन्य एक्सपर्ट द्वारा विभिन्न क्रिएटिव एक्टिविटीज की ट्रेनिंग दी गई। समापन के दौरान बोर्ड परीक्षा के मेधावी बच्चों को सम्मानित किया गया। समर कैंप के समापन कार्यक्रम में उपस्थित मुख्य अतिथि धरम लाल कौशिक ने कहा कि संघर्ष का कोई विकल्प नहीं होता है, इससे सफलता की नई ऊंचाइयों हासिल किया जा सकता है। कार्यक्रम में उपस्थित बोर्ड के 10वीं, 12वीं के परीक्षा में 75 फीसदी से अधिक अंक प्राप्त करने वाले 250 बच्चों को गोल्ड मेडल एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इसके अलावा बीते तीन साल से सत प्रतिशत परीक्षा परिणाम देने पर शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय लिमतरी के प्राचार्य मीना सिंह को प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर बिल्हा विकासखंड शिक्षा अधिकारी एमएल पटेल ने बताया कि समर कैंप में शामिल बच्चों को योग, मृदा शिल्प, नृत्यकला, चित्रकला, मेहंदी कला, अगरबत्ती, धूप बत्ती निर्माण, वेस्टेज मटेरियल से सजावटी जैसे फूल गुलदस्ता, गुड़िया, खिलौने आदि विधाओं का प्रशिक्षण दिया गया। कैंप में 230 बच्चों को स्वरोजगार के गुण सीखाए गए। कार्यक्रम में पुनीता डहरिया, विक्रम सिंह, विरेंद्र लकड़ा, अमित गुप्ता, सीईओ आरएस नायक उपस्थित थे।