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नर्सें हड़ताल पर, स्वास्थ्य सेवा चरमराई

3 वर्ष पहले
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ग्रेड पे 2800 से बढ़ाकर 4600 रुपए करने और सेकेंड क्लास का दर्जा दिए जाने की मांग को लेकर शुक्रवार से शुरू हुई नर्सों की राज्यव्यापी हड़ताल से सरकारी अस्पतालों की व्यवस्थाएं चरमरा गईं। अधिकांश नर्सें हड़ताल में शामिल होने शुक्रवार को रायपुर पहुंचीं। नर्सों की हड़ताल को देखते हुए सीएमएचओ को निर्देश मिले हैं कि वह सभी जगह व्यवस्था करें जिससे मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। दूसरी तरफ स्वास्थ्य सेवाएं संचालक ने एक आदेश निर्देश दिए हैं कि अगर नर्सों की हड़ताल के कारण किसी मरीज की मौत हो गई तो संबंधित के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी। हालांकि हड़ताल पर जाने की सूचना परिचारिका कल्याण कर्मचारी संघ ने 12 अप्रैल को ही ज्ञापन देकर हड़ताल पर जाने की जानकारी दे दी थी। नर्सों की हड़ताल पर चले जाने का सबसे ज्यादा असर सिम्स में दिखाई दिया। पहली शिफ्ट में काम करने वाली 85 से अधिक नर्सेंं काम पर नहीं पहुंचीं। यहां 232 नर्से हैं जिनमें से शुक्रवार को लगभग 30 नर्सें ही काम पर पहुंची। सिम्स प्रबंधन ने आशंका व्यक्त की है कि रात की दूसरी शिफ्ट में काम पर आने वाली नर्सें भी हड़ताल में शामिल हैं इसलिए उनके भी आने की संभावना ना के बराबर ही है। यहां की व्यवस्थाएं संभालने के लिए नर्सिंग कॉलेज की नर्सें जो सिम्स से संबंधित होकर यहीं काम सीख रही हैं उनकी ड्यूटी लगाई गई है। इनकी संख्या 150 बताई गई है।

बढ़े वेतनमान की मांग, व्यवस्था संभालने बीएससी नर्सिंग होम की 150 नर्सें तैनात

यहां की नर्सें नहीं हुईं शामिल

ग्रेड पे बढ़ाने की मांग को लेकर नर्सों की एसोसिएशन में दरार दिखी। जिला चिकित्सालय, मानसिक अस्पताल,मरवाही, गौरेला, पेंड्रा, तखतपुर, बिल्हा तथा कोटा स्वास्थ्य केंद्र की नर्सें इसमें शामिल नहीं हुईं। हड़ताल में सिम्स और मस्तूरी स्वास्थ्य केंद्र की नर्सें शामिल हैं।

सिर्फ 25 नर्स हड़ताल पर हैं

मुझे तो शाम तक 25 नर्सों के हड़ताल पर जाने की लिखित जानकारी मिली है। जहां से भी नर्स हड़ताल पर गई हैं वहां वैकल्पिक व्यवस्थाएं बनाने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को जारी कर दिए गए हैं। -डाॅ. बीबी बोर्डे, सीएमएचओ

अभी तो 85 से अधिक की जानकारी है

दिन की शिफ्ट में काम करने वाली 85 से अधिक नर्सों के काम पर न आने की सूचना है। अब रात की शिफ्ट में काम करने वाली नर्सें आती हैं कि नहीं यह तो रात को ही बता सकता हूं। अभी तो व्यवस्था बनाने के लिए नर्सिंग कॉलेज की नर्सों की ड्यूटी लगाई गई है। -डाॅ. रमणेश मूर्ति, अधीक्षक, सिम्स

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