उत्तर पुस्तिका जांचने से मना किया तब जाकर मिल पाया पिछला मानदेय
एजुकेशन रिपोर्टर | बिलासपुर
बिलासपुर यूनिवर्सिटी की मुख्य परीक्षा में आधे से ज्यादा पेपर हो चुके हैं। यूनिवर्सिटी इस बार मई के अंत तक सारे रिजल्ट जारी करने का दावा कर रही है, लेकिन स्थिति यह है कि मूल्यांकनकर्ताओं को पिछले साल के उत्तरपुस्तिका जांच करने का मानदेय नहीं मिला है। इस कारण वे इस वर्ष की उत्तरपुस्तिकाएं जांच करने तैयार नहीं हैं। मूल्यांकनकर्ताओं ने जब इस वर्ष उत्तरपुस्तिकाएं वापस करनी शुरू की तो यूनिवर्सिटी ने पिछले सत्र का मानदेय देना शुरू कर दिया है।
बिलासपुर यूनिवर्सिटी की मुख्य परीक्षा चल रही है। 28 अप्रैल को अंतिम पेपर है। छात्रों की बड़ी परीक्षाएं हो चुकी हैं। इस वर्ष कुल 1 लाख 59 हजार परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल हो रहे हैं। इन छात्रों की उत्तरपुस्तिका जांच कर जल्द रिजल्ट जारी करने यूनिवर्सिटी ने प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके लिए यूनिवर्सिटी ने विषय विशेषज्ञों के पास उत्तरपुस्तिका जांच करनेे के लिए भेज रही है। मूल्यांकनकर्ताओं को यूनिवर्सिटी ने पिछले वर्ष का पैसा अभी तक नहीं दी है। इसके कारण इस वर्ष मूल्यांकनकर्ता उत्तरपुस्तिका जांचन में इंट्रेस्ट नहीं दिखा रहे हैं। उत्तरपुस्तिका का वापस कर दे रहे हैं। यूनिवर्सिटी के सामने ऐसी स्थिति आने के बाद अब वे पिछले सत्र का पैसा देना शुरू की है।
बिलासपुर यूनिवर्सिटी का परीक्षा विभाग नहीं कर रहा अकादमिक कैलेंडर के हिसाब से कार्य
इस बार नहीं होगा केंद्रीय मूल्यांकन
बिलासपुर यूनिवर्सिटी ने पिछले सत्र में छात्रों की उत्तरपुस्तिका जांचने केंद्रीय मूल्यांकन केंद्र बनाया था। केंद्रीय मूल्यांकन केंद्र में प्रोफेसर उत्तरपुस्तिका जांचने पहुंच ही नहीं रहे थे। इस कारण से इस वर्ष केंद्रीय मूल्यांकन केंद्र नहीं बना रही है।
4 महीने में जारी नहीं कर पाई सेमेस्टर रिजल्ट
यूनिवर्सिटी ने कॉलेज में सेमेस्टर की परीक्षा दिसंबर में ली थी। इसके बाद अप्रैल को हो गया है, लेकिन अभी तक अधिकांश विभागों का रिजल्ट यूनिवर्सिटी जारी नहीं कर पाई है। इसको लेकर हर दिन छात्र घेराव कर रहे हैं। फिर भी यूनिवर्सिटी रिजल्ट जारी नहीं कर पा रही है।
कॉलेजों में नहीं चल रही पीजी की कक्षाएं
यूनिवर्सिटी ने कॉलेजों को पोस्ट ग्रेजुएशन की मान्यता तो दी है, लेकिन कॉलेजों में पीजी के छात्रों को बैठने तक की व्यवस्था नहीं हैं। वहीं उन्हें पढ़ाने के लिए प्रोफेसर भी नहीं है। परीक्षाएं चल रही हैं। सभी प्रोफेसर ड्यूटी कर रहे हैं। अब पीजी के छात्रों की कक्षाएं नहीं लग रही हैं। उनके कोर्स पूरे नहीं हैं। दो महीने बाद इनकी परीक्षा होने वाली है।
अब भेजा जा रहा है पैसा
बिलासपुर यूनिवर्सिटी की परीक्षा नियंत्रक डॉ. प्रवीण पाण्डेय ने कहा कि 15 दिन से मूल्यांकनकर्ताओं को पिछले सत्र का पैसा भेजा जा रहा है। अभी तक कोई भी उत्तरपुस्तिका वापस नहीं किया है।