जल संकट: राजकिशोर नगर के 5 बोरिंग का पानी प्रदूषित, 10 जगह बोरिंग फेल
जल स्तर घटने के साथ ही बोरिंग का पानी प्रदूषित होने तथा बोरिंग फेल होने की शिकायतें बढ़ने लगी हैं। नतीजतन प्रभावित क्षेत्रों में पीने के पानी की समस्या उत्पन्न हो गई है। बोर प्रदूषित होने की ज्यादातर शिकायतें अरपा के तटवर्ती तथा निचले इलाकों से मिल रही है। अकेले राजकिशोर नगर के चंदन
आवास ब्लाक 4 तथा स्मृति वन के पास के 5 बोर का पानी प्रदूषित हो गया है। पूर्व में चंदन आवास के एक नागरिक ने बोरिंग का पानी प्रदूषित होने पर उपभोक्ता फोरम में वाद दायर किया था। अरपा के चेक डेम से पानी छोड़ने की मांग की गई थी। कारण चेक डेम में शहर भर का गंदा पानी जमा हो रहा है, जिसके चलते तटवर्ती क्षेत्रों का जल स्तर प्रदूषित होने लगा है। बहरहाल नगर निगम ने जल स्तर में गिरावट तथा बोरिंग फेल होने की शिकायतों के मद्देनजर जिला प्रशासन से 40 स्थानों पर बोरिंग कराने की अनुमति महीने भर पहले मांगी थी, जो अब तक नहीं मिली। कई जगहों पर पेयजल की समस्या गंभीर हो गई है।
इन स्थानों के बोरिंग फेल हो गए
नल जल विभाग के असिस्टेंट इंजीनियर अजय श्रीवासन ने बताया कि राजकिशोर नगर के अतिरिक्त मधुबन का बोरिंग भी प्रदूषित हो गया है। गंदे बदबूदार पानी के चलते बोरिंग का इस्तेमाल बंद कर दिया गया है। राजकिशोर नगर में निगम के अतिरिक्त ग्राम पंचायत लिगिंयाडीह द्वारा कराए गए बोर का पानी प्रदूषित हो गया है। चेक डेम से पानी छोड़ने के लिए जल संसाधन विभाग को चिट्ठी लिखी जा रही है। उन्होंने बताया कि राजकिशोर नगर के कई लोगों ने घरों में लगे निजी बोर के प्रदूषित होने की शिकायत की है। निगम को महीने भर के अंदर 10 जगहों के बोरिंग फेल होने की जानकारी मिली है, इसमें वार्ड नंबर 25 खटिक मोहल्ला, वार्ड नंबर 20 डीपूपारा, मधुबन, भारतीय नगर, गणेश नगर नयापारा, हेमूनगर, इमलीपारा, चिंगराजपारा आदि शामिल है।
16 दिन में 201 शिकायतें दर्ज
नगर निगम के द्वारा विकास भवन में स्थापित किए गए जल कष्ट निवारण कक्ष में अब तक 201 शिकायतें दर्ज कराई जा चुकी हैं। शिकायत कक्ष की स्थापन 1 मई से की गई, परंतु इनके नियमित निराकरण की कोई व्यवस्था नहीं होने के कारण लोगों को राहत नहीं मिल पा रही है। आज दर्ज शिकायत के मुताबिक नसीमा बेगम ने तारबाहर चर्च के पास तथा सतीश शर्मा ने शंकर नगर में पानी सप्लाई ठप हो गई है। इसी प्रकार चौबे कालोनी, भरत चौक, कुदुदंड और तात्याटोपे नगर में पानी नहीं मिलने की शिकायत दर्ज कराई है।
हाईकोर्ट में अगली सुनवाई जून में
लीगल रिपोर्टर | बिलासपुर
रायपुर और बिलासपुर में पीने के प्रदूषित पानी की सप्लाई को लेकर जनहित याचिका पर अब 18 जून से शुरू होने वाले सप्ताह में सुनवाई होगी। रायपुर में लगाई गई जनहित याचिका का दायरा बढ़ाते हुए हाईकोर्ट ने तीन वकीलों को कोर्ट कमिश्नर नियुक्त करते हुए दोनों शहरों में जांच का जिम्मा सौंपा था। हाईकोर्ट ने रायपुर नगर निगम के आग्रह को नामंजूर करते हुए अगली सुनवाई तक टैंकर से ही पानी सप्लाई करने के निर्देश दिए हैं। रायपुर में रहने वाले मुकेश देवांगन की प|ी की मौत 2014 में पीलिया की वजह से हो गई थी, उसने 2014 में ही हाईकोर्ट में जनहित याचिका लगाई थी, इसमें पीने के प्रदूषित पानी को इसका कारण बताते हुए कार्रवाई की मांग की थी। हाईकोर्ट ने तीन वकीलों को कोर्ट कमिश्नर नियुक्त कर रायपुर और बिलासपुर में पानी की जांच भी करवाई।