राहुल गांधी ने कहा कि जो लोग सोचते हैं कि बगैर काम किए ही पार्टी उन्हें मौका देगी तो वे गलत सोचते हैं। उन्हें काम करना होगा। जनता के बीच जाना होगा। उनकी समस्याएं जानकर उसे दूर करना होगा। तब पार्टी मौका देगी। आखिर आप पार्टी के लिए इतना कुछ करते हैं तो पार्टी भी आप के लिए कुछ करेगी। आप बूथ लेवल पर पूरी ताकत झोंक दीजिए। मतदाताओं की पहचान करिए और जो न्यूट्रल मतदाता है, उन्हें कांग्रेस के पक्ष में वोट करवाकर सरकार बनाइए। बूथ जीत लिया, तो समझो कांग्रेस की जीत पक्की।
महामाया के दर्शन करने जाना चाहते थे राहुल : राहुल गांधी ने रतनपुर स्थित महामाया मंदिर के दर्शन करने की भी इच्छा जताई थी, परंतु एसपीजी ने कोनी के आगे चल रहे सड़क निर्माण, रात में धूल के चलते विजन कमजोर होने जैसी समस्याएं बताकर मंदिर के कार्यक्रम को निरस्त कर दिया।
साउंड सिस्टम गड़बड, फोन से बात करनी पड़ी स्टेडियम में ही
स्टेडियम में मौजूद बूथ प्रभारी से राहुल गांधी को मोबाइल से बात करनी पड़ी तब जाकर वे उसके सवाल का जवाब दे पाए।
बिलासपुर, बेलतरा और कोटा से भीड़
संवाद कार्यक्रम में बिलासपुर, बेलतरा, मस्तूरी और कोटा विधानसभा के कार्यकर्ताओं की भीड़ अधिक रही जबकि अन्य विधानसभा में मरवाही विधानसभा के कार्यकर्ता कम आए थे। जब राहुल कार्यक्रम में पहुंचे तो कार्यकर्ता ज्यादा उत्साहित हो गए और हंगामा शुरू हो गया। शुरुआत में राहुल कार्यकर्ताओं के बिल्कुल पास पहुंचे और अभिवादन किया। प्रदेश अध्यक्ष भूपेश बघेल ने कार्यकर्ताओं को अनुशासित रहने की नसीहत दी।
सवाल पूछने की होड़
बहतराई स्टेडियम में एआईसीसी नेता राहुल गांधी से हुए संवाद कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं ने चुटीले अंदाज में सवाल पूछे। सवाल पूछने के लिए कार्यकर्ताओं में होड़ मची रही। बिलासपुर विधानसभा में कार्यकर्ताओं ने एक से अधिक सवाल पूछे। एक ने कहा मरवाही अनाथ हो गया है क्या आप गोद लेंगे क्या?
राहुल गांधी स्टेडियम के बीच में बनाए मंच पर गए। लोग उनकी बात को समझ नहीं पा रहे थे। तभी सबसे पहले उन्होंने कार्यकर्ताओं से पूछा...मेरी आवाज सुनाई दे रही है। इधर साउंड सुनाई दे रहा है, या नहीं, यह पता लगाने कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष भूपेश बघेल और नेता प्रतिपक्ष टीएस सिंहदेव मैदान में भागते नजर आए। कार्यकर्ताओं से उनके व मंच के बीच की दूरी के साथ ही साउंड सिस्टम फेल होने की वजह से संवाद कार्यक्रम को प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया ने समय से पहले माफी मांगकर खत्म किया। उन्होंने 24 विधानसभा से पहुंचे कार्यकर्ताओं के साथ ही राहुल गांधी से भी माफी मांगी कि उनकी गरिमा के अनुरूप कार्यक्रम नहीं हो पाया।
प्रदेश प्रभारी पुनिया ने जिम्मेदारों से पूछताछ की
स्टेडियम में चाहे साउंड सिस्टम की गड़बड़ी हो या फिर अन्य समस्या, प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया ने जिम्मेदार कांग्रेसियों से पूछताछ की। कहा कि कार्यक्रम एआईसीसी नेता की गरिमा के अनुकूल नहीं हो पाया। पीसीसी के एक नेता सफाई दी कि पूर्व में कांग्रेसाध्यक्ष को घूम घूम कर प्रत्येक विधानसभा के कार्यकर्ताओं से संवाद का कार्यक्रम था, परंतु एसपीजी ने ऐन मौके पर बदलवा दिया। स्टेडियम के बीच बनाए गए पंडाल में राहुल गांधी को अंत में संबोधन के लिए जाना था, परंतु एसपीजी ने वहीं से खड़े होकर सवाल-जवाब कराने कह दिया। साउंड सिस्टम उस योग्य नहीं था।