रेलवे बोर्ड देशभर में चल रही यात्री व मालगाड़ियों की गति बढ़ाने का तैयारी में है। यह कैसे संभव हो सकता है? यह पूछा है सभी जोन के महाप्रबंधकों से। 17 जोन के महाप्रबंधकों का अलग-अलग ग्रुप बनाकर उन्हें प्लान बनाकर देने को कहा है। बोर्ड ने एसईसीआर, एसईआर और डब्ल्यूसीआर जोन का एक ग्रुप बनाया। इस ग्रुप की बैठक कोलकाता में हुई जिसमें ढेर सारे मुद्दों पर चर्चा की।
पिछले सप्ताह दिल्ली में देशभर के रेलवे जोन के महाप्रबंधकों की बैठक हुई। इसमें बोर्ड ने स्पष्ट कर दिया कि आगामी 5 साल में ट्रेनों की स्पीड 25 किलोमीटर प्रति घंटे बढ़ानी है। इसके लिए क्या और कैसे किया जाए? इस पर खाका तैयार करने की जवाबदारी रेलवे बोर्ड चेयरमैन अश्वनी लोहानी ने देश के सभी रेलवे जोन के महाप्रबंधकों को दी है।
गति बढ़ने से क्या होगा
ट्रेनों की गति बढ़ाने से यात्रियों की सुविधा बढ़ जाएगी। लंबी दूरी का सफर दो से पांच घंटे कम हो जाएगा। ट्रैक खाली मिलने से यात्री ट्रेनों की संख्या बढ़ेगी। मालगाड़ी की गति बढ़ने से लदान में और तेजी आएगी। इससे आय में भी बढ़ोतरी होगी। रेलवे बोर्ड चाहता है कि यात्री ट्रेनों की गति 50 किलोमीटर प्रतिघंटे से बढ़कर 75 किलोमीटर प्रति घंटा हो जाए। मालगाड़ियों की गति 20 किलोमीटर प्रति घंटे से बढ़ाकर 45 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा कर दिया जाए।