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लैब में रिपोर्ट बदलने के खेल पर अफसरों की चुप्पी गुजरात की कंपनी कर रही है कोडिन की सप्लाई

3 वर्ष पहले
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रायपुर स्थित सरकारी लैब में दवा जांचने और रिपोर्ट तैयार करने के नाम पर बड़ी गड़बड़ी सामने आई। बिलासपुर में लक्ष्मी मेडिकल स्टोर से उठाई पुलिस की बायारेक्स सीरप और नाइट्रोसन टेबलेट जांच रिपार्ट में अमानक मिली थी। ड्रग विभाग ने जब इसी दवा के सेम बैच को उसी सरकारी रिपोर्ट में जांच के लिए भेजी तो पास हो गई। एक ही दवा की दो रिपोर्ट के चलते सरकारी लैब में अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका संदेह के दायरे में आ गई है। ड्रग विभाग ने इसकी जानकारी कंट्रोलर को भेजी है। फिलहाल मामले में किसी तरह की जांच या कार्रवाई नहीं हुई है। इसके चलते बड़े अफसरों की भूमिका संदेह के दायरे में आ गई है।

इससे पहले सिटी कोतवाली पुलिस ने यहां नशीली दवाओं के संदेह पर यह दोनों दवाइयां जब्त की। मेडिकल संचालक के खिलाफ एनडीपीएस की धाराओं के तहत कार्रवाई भी हुई। कुछ लोग यहां पुलिस और ड्रग विभाग से लगातार शिकायत कर रहे थे। उनके मुताबिक प्रतिबंध के बाद यहां से हर दिन नशेड़ियों को दवाएं उपलब्ध कराई जा रही थी। इसके चलते ही पुलिस ने यहां दबिश देकर सीरप और टेबलेट उठाए थे। कोतवाली पुलिस ने इसे जांच के लिए सरकारी लैब भेजा और कुछ महीने बाद इसकी रिपोर्ट अमानक मिली। इसकी एक कॉपी ड्रग विभाग को उपलब्ध कराई गई थी। ड्रग विभाग की रिपोर्ट में यह दवाएं पाई हो गईं। एक ही दवा की दो अलग-अलग रिपोर्ट को देखकर खुद अफसरों के होश उड़ गए। ड्रग विभाग ने कंट्रोलर को इसकी जानकारी भेज दी है। मामले में फिलहाल सबकुछ यथावत है। रायपुर का ड्रग विभाग इसकी जांच तक नहीं करवा रहा है। बड़े अफसरों की भूमिका पर सवाल है।

अनदेखी

रायपुर के ड्रग कंट्रोलर को भेजी गई सूचना, इसके बावजूद जांच या कार्रवाई नहीं हुई

ऐसे पकड़ाई गड़बड़ी, ड्रग इंस्पेक्टरों ने जोड़ी तार

ड्रग इंस्पेक्टर की जांच में सामने आया है कि मेडिकल कॉम्पेक्स स्थित संजय लाइफ साइंस यहां गुजरात से कोडिन की सप्लाई हो रही थी। ड्रग इंस्पेक्टर चंद्रकला ने कोटा स्थित एक ढाबे के पीछे कोडिन की दर्जनों बॉटल जब्त की थी। इसी के बैच पर गुजरात कंपनी का पता चला। ड्रग विभाग ने जब पत्राचार किया तब सामने आया कि उन्होंने संजय लाइफ साइंस के यहां बड़े पैमाने पर इसे भेजा है। विभाग ने मेडिकल कॉम्पलेक्स को नोटिस जारी कर इसकी पूछताछ शुरू कर दी है।

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