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मिलीभगत... गैस की कालाबाजारी के लिए डिस्ट्रीब्यूटर व अफसर जिम्मेदार

3 वर्ष पहले
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शारदा एजेंसी से 935 सिलेंडर जब्त किए थे

प्रशासनिक रिपोर्टर | बिलासपुर

घरेलू गैस की कालाबाजारी के लिए दुकानदारों के साथ ही गैस एजेंसियों के डिस्ट्रीब्यूटर जिम्मेदार हैं। यह बात खुद खाद्य विभाग के अधिकारी मान रहे हैं। पर डिस्ट्रीब्यूटरों के साथ ऐसी मिलीभगत है कि पांच वर्षों में केवल एक डिस्ट्रीब्यूटर के गोदाम में छापा मारा गया और वह भी राजस्व विभाग के साथ मिलकर। घरेलू गैस की कालाबाजारी में एजेंसियां घिर चुकी हैं। यदि वे सिलेंडर नहीं देंगे तो फिर कालाबाजारी करने वालों को मिलेगी कहां से। गैस एसोसिएशन के अध्यक्ष एजेंसियों की मिलीभगत से इनकार कर रहे हैं पर पुराने बस स्टैंड में इमलीपारा रोड, सरकंडा में सुभाष चौक से नूतन चौक जाने वाली सड़क, तिफरा में काली मंदिर के पहले बनीं दुकानों के साथ सिरगिट्‌टी, मोपका ही नहीं और भी कई जगह सुबह दस से 12 बजे के बीच एजेंसियों की गाड़ियों और हॉकरों को सिलेंडर छोड़ते कोई भी देख सकता है। जिले में 35 तो शहर में कुल 12 एजेंसियां हैं। पर राजस्व व खाद्य विभाग की टीम ने केवल शारदा गैस एजेंसी में इसी साल फरवरी में छापेमारी की थी। गोदाम से घरेलू, व्यावसायिक, खाली-भरे, पांच किलो वाले सहित 940 सिलेंडर जब्त हुआ था। स्टॉक रजिस्टर मांगने पर भी नहीं दिया गया था।

शहर में 12 एजेंसियां, पांच साल में केवल एक के यहां ही पड़ा छापा

खबर छपी तो घरेलू सिलेंडर हटाया, अब गायब की छोटी टंकियां

पहले

पुराने बस स्टैंड में ऐसे बिकते थे सिलेंडर।

कार्रवाई नहीं हुई तो फिर शुरू होगी कालाबाजारी

कालाबाजारी रोकने प्रशासन को गोदामों में मारना होगा छापा

जानकारों का कहना है कि गैस एजेंसियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो कुछ दिनों बाद फिर से कालाबाजारी शुरू होगी। अभी एजेंसियों ने घरेलू गैस की टंकियां देनी बंद कर दी हैं। माहौल शांत हुआ तो वे फिर से सप्लाई देंगे। यदि प्रशासन शहर से गैस की कालाबाजारी को जड़ से खत्म करना चाहता है तो उसे तत्काल एजेंसियों के गोदामों में छापा मारना चाहिए। कई गड़बड़ियां सामने आएंगी। सिलेंडर का स्टॉक रजिस्टर से मिलान हुआ तो सैकड़ों सिलेंडर की एंट्री स्टॉक रजिस्टर में नहीं मिलेगी।

भास्कर में लगातार खबर प्रकाशित होने और सोमवार को राजस्व विभाग की ताबड़तोड़ छापेमारी के बाद दुकानदारों ने घरेलू सिलेंडर ही नहीं, छोटे सिलेंडर भी हटा लिए हैं। छोटी टंकी अवैध रूप से दिल्ली से आती है। अब तक छोटी से बड़ी टंकी ये दुकानों में सजाकर रखते थे लेकिन मंगलवार को जब इन दुकानों का मुआयना किया गया, तो सिलेंडर गायब थे।

अब

छापामारी के बाद दुकान में नहीे हैं सिलेंडर।

प्रभारी फूड कंट्रोलर पहले कह चुके हैं एजेंसियां जिम्मेदार

सोमवार को सरकंडा के महामाया डेली नीड्स से 31 भरे, 2 खाली, मुंगेली नाका के जायका रेस्टोरेंट से एक, बजरंग चौक के इंडियन कैफे से दो तो पुराना बस स्टैंड के महुआ होटल से 6 व नीलकंठ रेस्टोरेंट प्रताप चौक से एक सिलेंडर सहित 43 घरेलू गैस सिलेंडर जब्त हुए। भास्कर से चर्चा में प्रभारी फूड कंट्रोलर केके सोमावार ने कहा कि एजेंसियों से ही सिलेंडर की सप्लाई हो रही है।

एजेंसियां नहीं, कंज्यूमर दे रहे दुकानदारों को सिलेंडर

सीधी बात

सुभाष जायसवाल, अध्यक्ष छत्तीसगढ़ एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर एसोसिएशन

फूड कंट्रोलर कह रहे हैं कि एजेंसी वाले ही कालाबाजारी के लिए सिलेंडर दे रहे हैं?

- ऐसा नहीं है। एक तरह से कंज्यूमर ही दुकानदारों को सिलेंडर दे रहे हैं।

ऐसा कैसे हो सकता है?

- दुकानदारों के पास कंज्यूमरों के कार्ड हैं, उन्हीं का सिलेंडर वे ब्लैक कर रहे होंगे।

पर आप लोग इसकी शिकायत क्यों नहीं करते?

- फायदा हो रहा है इसलिए वे ऐसा काम कर रहे हैं। उनसे झगड़ा कौन करे।

दुकानों में एजेंसी की गाड़ी से सिलेंडर सप्लाई होते देखा गया है?

- पता नहीं, गाड़ियां सुबह निकल जातीं हैं, फिर शाम को ही आती हैं।

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