पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

गर्मी शुरू, पर आग बुझाने के इंतजाम पर कोई गंभीर नहीं

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
शहर में आगजनी की घटना रोकने और अव्यवस्था दुरुस्त करने को लेकर जिला प्रशासन के अधिकारी कितने गंभीर हैं, इसे सरकारी दफ्तर, पेट्रोल पंप समेत दूसरे स्थानों पर पहुंचकर देखा जा सकता है। लगातार आगजनी की घटना के बावजूद यहां इसके इंतजाम नाकाफी है, जिसके कारण किसी दिन बड़ी दुर्घटना घट सकती है। ज्यादातर घटनाएं सरकारी दफ्तर, बाजार और इमारतों में होती है। वहां आगजनी की घटनाओं को रोकने के लिए कोई गंभीर नहीं दिख रहा है। कलेक्टोरेट, विकास भवन समेत कई सरकारी इमारतों में आग से बचाव के बारे में अब तक सोचा ही नहीं गया है। यहां जरूरी दस्तावेजों के साथ हर रोज हजारों लोगों का आना-जाना होता है। अगर आग लगी तो इससे होने वाले नुकसान का अंदाजा लगाना भी मुश्किल है। इसके बावजूद इसकी अनदेखी की जा रही है। कलेक्टर का कहना है कि इसके लिए जल्द प्लानिंग होगी तो अपर कलेक्टर भी इस बात के पक्षधर हैं, पर योजना कब तक धरातल में उतरेगी, इसका जवाब किसी के पास नहीं है। इसके कारण अव्यवस्था का माहौल है।

तेजी से विकसित होते शहर में लगातार नए कॉम्प्लेक्स और अपार्टमेंट बन रहे हैं। इनसे शहर का डेवलपमेंट तो दिख रहा है, लेकिन खतरा भी बढ़ता जा रहा है। दुकानों और रिहायशी अपार्टमेंट्स में आग से बचाव के कोई इंतजाम नहीं हैं। सिर्फ दमकल के भरोसे कारोबारियों ने लाखों के सामान छोड़ दिया हैं और बिल्डरों ने आसमान छूती इमारतें खड़ी कर ली हंै। गर्मी के साथ ही शहर में आगजनी का खतरा बढ़ने लगा है। गोल बाजार के एक रेडीमेड स्टोर में आग लगने के साथ इसकी शुरुआत भी हो गई है। सालभर पहले प्रशासन ने एक कमेटी बनाकर आग से बचाव के इंतजामों की समीक्षा करने का ऐलान किया था, लेकिन इस कमेटी ने अभी तक क्या किया, यह कोई नहीं बता पा रहा। ज्यादातर काॅम्प्लेक्स और शोरूम से फायर फाइटर संसाधन गायब हैं। कारोबारियों और प्रशासन की इस मिली-जुली लापरवाही से पब्लिक खतरे में है। शहर में पिछले दो साल में हुई आगजनी की तीन दर्जन से ज्यादा घटनाओं में करोड़ों रुपए का सामान खाक हो चुका है। कई बार लोगों की जान भी आफत में आई। पिछली बार मसाला गोदाम में भीषण आगजनी के बाद प्रशासन ने शहर में ऐसी घटनाएं रोकने के लिए कमेटी बनाई थी। पर अब भी इंतजाम नहीं किया गया है। इसके कारण लोगों को परेशानी होना लाजिमी है।

खबरें और भी हैं...