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महिला सुरक्षा में पिछड़ा शहर, महिला आयोग में दर्ज हुए शोषण के 368 केस

3 वर्ष पहले
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बिलासपुर की पुलिस महिला संबंधी अपराधों की रोकथाम के लिए प्रयास कर रही है। सोशल मीडिया और स्मार्ट फोन के जरिए लोगों को शॉर्ट फिल्में दिखाना। गली-माेहल्लों में चौपाल लगाना। ये बताना है कि महिलाओं के साथ कौन कौन सी घटना गंभीर और जघन्य हैं। किस तरह हम इनसे दूर रहें और ऐसी घटनाएं कम हों। इन सारे प्रयासों के बावजूद बिलासपुर दैहिक शोषण के मामले में छत्तीसगढ़ में दूसरे स्थान पर है। महिला आयोग के रिपोर्ट के मुताबिक यहां शोषण के 368 मामले दर्ज हैं। दूसरे मामलों पर गौर करें तो यह भी 325 के करीब बताए जा रहे हैं। कुल मिलाकर पुलिस के सारे प्रयास नाकाम हैं और महिला संबंधी अपराधों में लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है।

ये रिपोर्ट वर्ष 2017 के बताए गए हैं। छत्तीसगढ़ में दुष्कर्म के मामले में रायपुर सबसे आगे रहा है। एक साल के भीतर 21 दुष्कर्म के मामले राज्य महिला आयोग में दर्ज की गई है। वहीं एक साल में 43 महिलाओं की हत्याएं भी हुई है। इसके अलावा टोनही प्रताड़ना के केस के मामले भी सबसे ज्यादा 18 मामले रायपुर में ही दर्ज किए गए है। बिलासपुर की स्थिति पर गौर करें तो सामने आता है कि बलात्कार के आठ मामले। हत्या के 26 टोनही प्रताड़ना के 11 और अन्य अपराध 325 है। इनमें भी ज्यादातर मामले अनसुलझे पड़े हैं। ऐसा नहीं है कि पुलिस इसकी ओर ध्यान नहीं दे रही है। यहां लगातार इस बात को लेकर पुलिस और प्रशासन दोनों गंभीरता बरत रही है। इसके बावजूद मामले घटने के बजाय बढ़ते जा रहे हैं। इसी तरह जीवीआई की रिपोर्ट में महिलाओं को सुरक्षा देने के मामले में पिछड़ चुका है। महिलाएं घरेलू हिंसा की शिकार हो रही हैं। कम उम्र में लड़कियों की शादी और आर्थिक तौर पर महिलाओं की सक्षमता के मामले में भी बुरी तरह पिछड़ा दिख रहा है। इसके चलते सरकार की बनाई व्यवस्था पर अब सवाल उठने लगे हैं।

महिला आयोग और जीवीआई की रिपोर्ट में खुलासा, घरेलू हिंसा और दूसरे मामलों में लगातार हो रही बढ़ोत्तरी, फिर भी जागरुकता पर ध्यान नहीं

ज्यादातर मामले अनसुलझे, पुलिस के पास कोई सुराग नहीं

हत्या, दैहिक शोषण, टोनही प्रताड़ना और दूसरे प्रकरण में भी बढ़ोत्तरी

नाबालिग से दुष्कर्म फिर वीडियो बनाया, आरोपी हुए गिरफ्तार

16 वर्षीय नाबालिग के साथ दुष्कर्म के बाद उसका वीडियो बनाया गया। पीड़िता ने घटना के तीन माह बाद थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई। डीपूपारा निवासी 17 वर्षीय आरोपी ने 16 वर्षीय नाबालिग के साथ पिछले पांच माह से छेड़खानी का प्रयास कर रहा था। किशोरी का आरोप है कि अक्टूबर माह में आरोपी ने जबरन उसका हाथ पकड़कर अपना मोबाइल नंबर देकर मैसेज करने दबाव बनाया था। आराेपी मोबाइल से बात करने के लिए उसे धमकी देता था। इसी बीच आरोपी ने नाबालिग को जबरन घर ले जाकर कमरे में बंद कर दुष्कर्म किया।

केस-1

स्क्ूल जाने निकली छात्रा को बंधक बनाकर किया दुष्कर्म

स्कूल जाने निकली आठवी कक्षा की छात्रा को १० घंटे बंधक बनाकर दुष्कर्म करने का मामला सामने आया थ। पीड़िता की रिपोर्ट पर पुलिस ने मामला दर्ज कर दो आरोपीयों को गिरफ्तार कर लिया है। मामला तोरवा थाना क्षेत्र का है, जहां १४ वर्षीय आठवी कक्षा की छात्रा स्कूल जाने निकली थी, लेकिन बीच रास्ते मे ही मोहल्ले के युवक आरोपी धीरज ने उसे अगवा कर अपने घर मे ही बंधक बना लिया और उसके साथ दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। इस दौरान करीब १० घण्टे तक छात्रा आरोपी के कब्जे में रही। वारदात में धीरज का दोस्त राजेन्द्र बंजारे भी शामिल रहा जो वारदात के दौरान घर के बाहर निगरानी करता रहा। पुलिस ने मामले में जुर्म दर्ज किया था। इनकी भी गिरफ्तारी कर ली गई थी।

केस-3

ये प्रदेश के 10 जिलों की स्थिति

शहर दुष्कर्म हत्या दै. शोषण टोनही अन्य

रायपुर 21 43 710 18 718

दुर्ग 17 11 261 6 393

बिलासपुर 8 26 368 11 325

कोरबा 3 7 47 2 198

राजनांदगांव 4 7 147 2 147

सरगुजा 13 6 72 7 141

महासमुंद 7 9 87 4 106

रायगढ़ 5 19 129 9 104

जगदलपुर 0 3 65 0 93

बाप बेटे ने किया दुष्कर्म, पीड़िता ने किया सुसाइड का प्रयास

एक अन्य मामले में सरकंडा क्षेत्र के शांतिनगर निवासी आरोपी आनंद कुमार लहरे और प्रकाश लहरे दोनों बाप-बेटे थे। 3 जनवरी की रात 11.30 बजे दोनों ने मोहल्ले की महिला के घर का दरवाजा खुलवाया। घर में अकेली सो रही महिला ने दरवाजा खोला तो दोनों जबरन अंदर आ गए। दुष्कर्म करने के बाद आरोपी बाप-बेटे भाग निकले। घटना के बाद पीड़िता ने हतोत्साहित होकर उसी रात नींद की गोली खाकर खुदकुशी करने का प्रयास किया। अगले दिन परिजनों ने पीड़िता को सिम्स में भर्ती कराया। सिम्स से आकर पीड़िता ने सरकंडा थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई।

केस-2

और ये जीवीआई की रिपोर्ट

छत्तीसगढ़ को महिलाओं की आर्थिक सक्षमता के मामले में 13 वां स्थान मिला है। यानी महिलाओं के नाम पर ज्यादा संपत्ति दर्ज नहीं है। डिजिटिलाइजेशन के क्षेत्र में महिलाओं का आगे बढ़ना बताया गया है। महिला सुरक्षा के मामले में राज्य को 19 वां स्थान मिला है। बताया गया है कि आज भी ग्रामीण क्षेत्रों में लड़कियों की 18 वर्ष से कम उम्र में शादी हो रही है। साक्षरता की कमी है। ज्यादा क्षेत्रों में लड़कियां सिर्फ 10 वीं तक पढ़ लिख रही हैं। साथ ही हेल्थ रिपोर्ट के मुताबिक ज्यादातर घरों में शौचालय नहीं है। लोग बीमार पड़ रहे हैं।

तमाम तरह की कोशिशों के बाद नहीं मिल रहे बेहतर नतीजे

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