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बुधारु भइया अउ समारु भइया के बीच गोठबात

3 वर्ष पहले
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होत बिहनिया बुधारु ह नहाधोके घर ले निकलिस अउ सीद्धा जाके समारु के दुवारी आघु ठड़िया गे, अउ ओला हुत कराय लगीस - ‘समारु भइया ए समारु भइया थोरक आव तव भइया’’ अतके समारु ह रझाक ले दुवारी खोल दिहीस अउ किहिस -‘‘का होगे बुधारु, कति आगी लगगे, काकर बछरु गंवागे’’।

बुधारु - अरे अइसन कुछु नइ हो हे भइया, मय ह तो एक ठो संसो म परगे रहेंव तौ तोर तीरन पूछे ल आय हवव।

समारु - अच्छा तव ए बात हे, तव आव पहिली बने बइठ ले फेर अपन संसो ला बता।

बुधारु - बात अइसे हवय भइया बिहनिया म ह रेडुवा सुनत रहेंव ओमा जेन गोठबात चलत रहीस तेन मोर समझेच म नइ आइस, तेखरे बर तोर तीरन आय हवव।

समारु - अइसन का गोठबात रहीस ग बुधारु जेन तोला समझेच मा नइ आइस।

बुधारु - भइया ओमन हिन्दी के संग का-का अंग्रेजी म घलव गोठियावंय जइसे डेट, डाटा, लीक इही आखर मन के म ह गम नइ पायेंव अउ संसो मा पर गेंव तव तोर तीरन चले आयेंव तय 8 वीं पास हवस अउ अंग्रेजी जानथस तव तहीं मोर संसो ल मिटा।

समारु - ए देखले ऐखरे बर म ह तोला कतका कहे रहेंव के तहंु 8 वीं तक पढ़ले रे फेर तय अंगद कस अड़ के खड़े हो गे रहे के चौथी म फेल होय के बाद स्कूल जाबे नइ करव, उही समे पढ़ लेते तव आज संसो मा नइ परते।

बुधारु - अब तय ओ गोठ ला छोड़ भइया जेन बीतगे तेन बीतगे अब तही मोर संसो ल मिटा।

समारु - अच्छा तौ सुन डेट का होथे, देख तय दिन दिनांक ला तव जानत हस, जानत हस के नइ ।

बुधारु - ह हो भइया जानत हवव।

समारु - हां तौ उही ह दिनांक ह डेट कहे जाथे।

बुधारु - बने बताय भइया अउ डाटा ।

समारु - डाटा के अरथ हे जानकारी, आजकाल कम्प्यूटर म तरा-तरा के जानकारी अमाय रइथे, जइसे तय अपन मोबाईल म फेसबुक, वाट्सअप चलाथस ओला चलाय बर तय अपन बारे म मोबाईल म जानकारी देथस, अरे जइसे तय पंचायत म आधार कारड बनाय बर अपन जानकारी देहे रहे अउ ओला उन कम्प्यूटर मा चघावत रहीन वइसनहे जम्मो मनखे मन के जानकारी ओमा रइथे उही ल डाटा कइथें।

बुधारु - अउ लीक का हे भइया लीक म ह तव मुड़ी मा रइथे तेने लीक ल जानत हंवव।

समारु - अरे बुधारु ए ह जुंआ वाले लीक नो हे रे, ए ह अब तोला कइसे बतावंव, अच्छा देख तय स्कूल म पढ़त रहे तव स्याही वाला पेन धरके जावत रहे, अउ कापी म जेन समे पेन ले चलत-चलत जादा स्याही गिर जावय ओला का कहत रहे बता।

बुधारु- पेन ह पोंक दिहीस।

समारु- हां इही पोंकना जइसे ए लीक ह हवय। तव अब समझे लीक माने पोंकना।

बुधारु- हां भइया म ह पोंकना ल कइसे नइ जानीहंव, ददा अइसनहे एक महीना ले म ह पोंकनी बेमारी म हस्पताल म भुगत गे हंवव। अच्छा ए तव ठीक हे भइया फेर दिन दिनांक अउ जानकारी म कोन कोती स्याही भराए रइथे जेन ओ ह पोंक माने लीक हो जथे।

समारु - अरे ए लीक ह थोरक दूसर किसिम के हवय रे बुधारु, देख कइठन जानकारी अइसे होथे जेला लुका के रखे जाथे, काहे के गलत हाथ म परे ले ए जानकारी ले गलत मनखे मन अपन फायदा कमा सकत हे। तय अभी तक खाली डेट अउ डाटाच्च के गोठ करत रहय आज तव परीक्षा के पेपर घलव लीक होगे। परीक्षा के पहिली पेपर ह मोबाइल म घरोघर हबरगे अेखर ले पढ़इया लइकन मन ला भारी नुकसान होगे अउ जेन बछर भर पढ़े के बेरा म खेलकूद के काट दीहीन वइसन लइका मन ल फायदा होगे अउ लीक करैया मन पइसा झोर लिहीन। अइसनहे जेन अपन फायदा अउ दूसर के नुकसान बर जानकारी ल लीक कर देथें उमन समाज बर खतरा हंवय।

बुधारु - बने कहे भइया अइसन मनखे मन ला तव बने सजा मिलना चाही।

समारु - अरे बुधारु ए सब बड़का मनखे मन के बड़का-बड़का गोठ हे रे बाबू, हम जइसे मनखे मन ओखर पार नइ पा सकन। जम्मो जीनिस उंखरे हाथ मा हवय।

डाटा के अरथ हे जानकारी, आजकाल कम्प्यूटर म रिकम-रिकम के जानकारी अमाय रइथे

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